सोनीपत। हवा एक बार फिर जहरीली होने लगी है। सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 319 दर्ज किया गया जो बेहद खराब श्रेणी में है। सुबह से ही वातावरण में स्मॉग की परत छाई रही। हवा की रफ्तार धीमी होने और बादल छाने से प्रदूषक के कणों का फैलाव रुक गया है जिससे सांस लेने और आंखों में जलन होने की समस्या बढ़ गई है।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की तरफ से दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में ग्रैप-2 लागू किया गया है मगर हवा की सेहत में कोई सुधार नहीं हो रहा है। सोमवार को दिनभर हवा की गति मात्र 4 से 6 किलोमीटर प्रतिघंटा रही। शाम के समय वायु गुणवत्ता मापक यंत्र बंद होने से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दिन का बुलेटिन जारी नहीं किया। शहर के कई इलाकों में धूल, वाहन धुआं और पराली जलाने के असर के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है।
पर्यावरण विशेषज्ञ का कहना है कि हवा की दिशा उत्तर-पश्चिमी बनी हुई है। ठंड के कारण प्रदूषक के कण नीचे की सतह पर जमे हुए हैं। ऐसे में लोगों को मास्क पहनने, सुबह व्यायाम न करने और खुले में आग न जलाने की सलाह दी गई है।
मौसम में बदलाव का दौर जारी
सोमवार को मौसम में बदलाव देखा गया। सुबह से बादल हल्के बादल छाए रहे। अधिकतम तापमान 27 और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले भी यही स्थिति थी।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
नागरिक अस्पताल के छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. जेएस पूनिया ने हिदायत दी कि ठंडा पानी ना पीएं। इससे शरीर के अंदर गए कण ठंडे पानी से जम जाते हैं।
क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ा है। लोगों को जारी की गई हिदायत का पालन करना चाहिए। हवा की गति बढ़ने पर वातावरण साफ हो सकता है। अभी हवा की गति कम है तो नमी अधिक। ऐसे में प्रदूषण का फैलाव नहीं हो पा रहा। -डॉ. प्रेमदीप सिंह, मौसम विज्ञानी, कृषि विज्ञान केंद्र, सोनीपत।