गोहाना। गुरुग्राम के फर्रुखनगर में नौकरी करने वाला युवक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। बाद में पता लगा कि वह गांव धनाना स्थित आश्रम में गया था। उसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद उसकी तलाश शुरू कर दी है।
गांव बड़वासनी की आनंद देवी ने एसीपी गोहाना व बरोदा थाना प्रभारी को शिकायत दी थी कि उनका बेटा राहुल (24) संदिग्ध परिस्थितियों में लापता है। महिला ने बताया था कि हादसे के बाद से उनके पति दिव्यांग हैं। उनका छोटा बेटा राहुल गुरुग्राम के फर्रुखनगर में नौकरी करता था और झज्जर के गांव याकूबपुर में किराये के मकान में रहता था। उनकी 21 फरवरी को बेटे के मोबाइल पर बात हुई थी। तब उसने कहा था कि 10-12 दिन में घर आ जाएगा। साथ ही कहा था कि कॉल करने की जरूरत नहीं है। जब बेटा 10-15 दिन बाद नहीं लौटा तो राहुल से बात करने की कोशिश की। उसका मोबाइल बंद मिला। 21 मार्च को उनके देवर राजेश व नरेंद्र बेटे राहुल की तलाश में याकूबपुर गए तो उसके साथ कमरे में रहने वाले कमल ने बताया था कि वह कई दिन पहले धनाना के आश्रम में चला गया था। उसके बाद वापस नहीं आया। परिजन जब आश्रम में पहुंचे और राहुल का फोटो दिखाया तो पता लगा था कि वह आश्रम में आया था और सेवा भी की थी। वह 17-18 फरवरी को आश्रम धनाना में देखा गया था। उसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं है। पुलिस ने 27 मार्च को मुकदमा दर्ज कर लिया था। उसके बाद से उसका सुराग नहीं लग सका है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।