संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर नई दिल्ली में आयोजित विज्ञान टेक-2026 में भारत की वैज्ञानिक एवं तकनीकी उपलब्धियों का प्रदर्शन किया गया। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने देश में विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में हो रही प्रगति को विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के अधीन कुंडली स्थित संस्थान निफ्टम ने अपनी अत्याधुनिक तकनीकों और अनुसंधान कार्यों से विशेष पहचान बनाई। संस्थान के कुलपति डॉ. एचएस ओबरॉय के नेतृत्व में विकसित 23 तकनीकों को विज्ञान संग्रह में स्थान मिला। यह देशभर से चयनित 293 तकनीकों में उल्लेखनीय योगदान माना गया।
इस दौरान निफ्टम की तीन प्रमुख तकनीकों का उद्योगों एवं नव प्रवर्तक उद्यमों को सफलतापूर्वक हस्तांतरण किया गया। इनमें सौर ऊर्जा आधारित हाइब्रिड ड्रायर तकनीक, प्रोटीन एवं रेशायुक्त ग्रेनोला बार तकनीक व बाजरा, दाल एवं बहु-अनाज आधारित फूले हुए खाद्य उत्पादों की एक्सट्रडेड तकनीक शामिल रही।
इसके अलावा निफ्टम की 10 अन्य तकनीकों को भी प्रदर्शित किया गया। इनमें पानी, चायपत्ती और पनीर में मिलावट की त्वरित जांच तकनीक, कैल्शियम कार्बाइड से पकाए गए फलों की पहचान, ग्लूटेनमुक्त उत्पाद, प्रोबायोटिक कांजी पाउडर, विटामिन डी युक्त मशरूम आटा व स्वास्थ्यवर्धक स्नैक्स आकर्षण का केंद्र रहे।
प्रदर्शनी में मिलावट जांच किट और प्रोबायोटिक उत्पादों की वैज्ञानिकों, अधिकारियों एवं आगंतुकों ने विशेष सराहना की। मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह कि करीब 12 वर्षों में देश में विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र को अभूतपूर्व प्रोत्साहन मिला है।
वर्ष 2014 में जहां देश में केवल 350 से 400 स्टार्टअप थे वहीं, आज इनकी संख्या बढ़कर 2 लाख से अधिक हो चुकी है। भारत अब विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप पारितंत्र बन चुका है।
उन्होंने बताया कि वैश्विक नवाचार सूचकांक में भारत की रैंकिंग 80वें स्थान से सुधरकर 38वें स्थान पर पहुंच गई है। पेटेंट दाखिल करने के मामले में भारत विश्व में छठे स्थान पर है।
विकसित भारत के लिए भारत के नवाचार पारितंत्र का निर्माण विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े 14 मंत्रालयों एवं विभागों ने पहली बार एक साझा मंच पर अपनी उपलब्धियों का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर टेक संग्रह नामक स्वदेशी तकनीकों की पुस्तिका का विमोचन किया गया।