नए साल में राष्ट्रीय राजमार्ग-334बी पर यूपी के मेरठ व भिवानी के लोहारू के बीच वाहन फर्राटा भर सकेंगे। इस रूट पर वाहन चालकों के लिए जल्द ही सफर आसान हो जाएगा। सोनीपत के गांव रोहणा से लेकर यमुना के पास उत्तर प्रदेश की सीमा तक एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) की तरफ से फोरलेन सड़क का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि 26 जनवरी तक निर्माण पूरा करने के बाद इस मार्ग को आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। हालांकि प्रदूषण नियंत्रण के लिए एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) के आदेश के चलते अभी निर्माण कार्य रुका हुआ है। जिसके जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
सोनीपत के गांव रोहणा से उत्तर प्रदेश की सीमा तक एनएचएआई की ओर से फोरलेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है। एनएचएआई की ओर से इस हिस्से के निर्माण पर 1020 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। गांव रोहणा से आगे झज्जर होते हुए लोहारू के राजस्थान बॉर्डर तक काफी समय पहले ही फोरलेन सड़क का निर्माण हो चुका है। वहीं उत्तर प्रदेश में बागपत से मेरठ तक निर्माण कार्य जारी हैं। फोरलेन सड़क बनने के बाद उत्तर प्रदेश से लेकर राजस्थान की सीमा तक आवागमन करने वाले वाहन चालकों को काफी राहत मिल सकेगी।
पलड़ी से रोहट तक एनएच के लिए बनाया जा रहा बाईपास
एनएच बनने से यूपी के मेरठ व बागपत से होकर सोनीपत, रोहतक, झज्जर होते हुए लोहारू में राजस्थान बॉर्डर तक वाहन आसानी से आवागमन कर सकेंगे। एनएच 334बी के लिए गांव पलड़ी से रोहट गांव तक बाईपास का निर्माण किया जा रहा है। यह बाईपास बहालगढ़ जीटी रोड के ऊपर से होते हुए रोहट गांव के पास रोहतक रोड पर मिलेगा। इससे भारी वाहन चालकों को मेरठ से लोहारू जाने के लिए सोनीपत शहर में प्रवेश करने से निजात मिल जाएगी। एनएच का निर्माण होने से सोनीपत, रोहतक, झज्जर व भिवानी के लोगों को फायदा होगा।
50 हजार से अधिक वाहन चालकों को फायदा मिलेगा
यहां बाईपास के बनने से शहर में अनावश्यक रोहतक व मेरठ से आवागमन करने वाले वाहन चालकों का प्रवेश बंद हो जाएगा। इससे शहर जाम मुक्त हो जाएगा। फिलहाल शहर के अंदर जाम की समस्या तो रहती ही है, साथ ही प्रदूषण भी फैल रहा है। बाहरी वाहनों का प्रवेश बंद होने से शहर को वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी। बाईपास का निर्माण होने से 50 हजार से अधिक वाहन चालकों को फायदा मिलेगा। जिसका सीधा लाभ शहरवासियों को मिलेगा।
गांव रोहणा से यूपी की सीमा तक एनएच-334बी के लिए फोरलेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है। एनएचएआई की तरफ से सड़क निर्माण के लिए 1020 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे है। एनजीटी के आदेश के चलते निर्माण रूका हुआ है। एनजीटी के दोबारा आदेश जारी होते हुए काम शुरू कर दिया जाएगा। 26 जनवरी से पहले एनएच का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
-आनंद दहिया, मैनेजर, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण