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NH44: करोड़ों से निर्मित हाईवे के संपर्क मार्ग टूटे, खुले नाले बने नासूर

Tue, 15 Oct 2024 03:01 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, राई/सोनीपत (हरियाणा)

सार

करीब 900 करोड़ से कुंडली के पानीपत तक हाईवे का निर्माण हुआ था। संपर्क मार्ग की हालत खस्ता होने लगी है। लोगों की परेशानी बढ़ रही है। राई, बहालगढ़, कुंडली के पास संपर्क मार्ग टूटे पड़े हैं। 
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गांव कुंडली के सामने संपर्क मार्ग पर बने गहरे गड्ढे के पास से गुजरता कार सवार। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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करोड़ों की लागत से निर्मित नेशनल हाईवे-44 के संपर्क मार्ग टूटकर बिखर चुके हैं, साथ ही खुले नाले भी नासूर बनते जा रहे हैं। इससे लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। नाले जगह-जगह खुले पड़े हैं तो कहीं स्लैब ही नहीं है। कुंडली में हरियाणा की सीमा शुरू होते ही सड़क की खस्ता हालत दिखाई देना शुरू हो जाती है।

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कुंडली से पानीपत तक नेशनल हाईवे-44 का चौड़ीकरण किया गया था। इस पर 900 करोड़ रुपये का भारी भरकम खर्च भी किया गया था। हाईवे व चार लेन के संपर्क मार्ग को 20 जून, 2023 को लोकार्पित किया गया था। यह हाईवे दिल्ली, हरियाणा के अलावा चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू व कश्मीर को जोड़ता है।

सोनीपत में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (जीटी रोड) किनारे कुंडली क्षेत्र में खुला पड़ा सीवर का मैनहोल।
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कुंडली से मुरथल तक इस नेशनल हाईवे के संपर्क मार्ग पर कई जगह पानी भरने के साथ ही संपर्क मार्ग के जगह-जगह टूटने से गड्ढे बन गए हैं। इससे हादसे का भय बना रहता है। कुंडली, राई व बहालगढ़ के पास तो संपर्क मार्ग टूटकर बिखर गया है। इसके चलते कुंडली गांव के पास, राई व बहालगढ़ के बीच व बहालगढ़ में में पेट्रोल पंप के सामने संपर्क मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

हाईवे से रोजाना गुजरते हैं हजारों वाहन
एनएच-44 पर हर दिन 80 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। इससे टोल टैक्स के माध्यम से मोटी राशि मिलती है। उसके बावजूद सुविधाओं का अभाव है। गांव राई निवासी राजेश, मनोज, नीरज और बहालगढ़ निवासी महेंद्र, प्रताप, सुरेंद्र ने ने ठोस पहल करते हुए कार्रवाई की मांग की है।

नाले व टूटी सड़क से हो सकता है हादसा
हाईवे के दोनों तरफ व बीच में भी जरूरत अनुसार ड्रेनेज को नाले बनाए गए हैं। नाले जगह-जगह खुले पड़े है। आरटीए की जिला रोड सेफ्टी शाखा इसे खतरनाक बता चुकी है, जिससे वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो सकते हैं। नियमित सफाई नहीं होने की वजह से पानी सड़क पर आता है। वहीं सड़क पर कई स्थानों पर गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिसमें भी रात को हादसे का भय बना रहता है।
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नेशनल हाईवे-44 की सर्विस लेन पर भरे बारिश के पानी की निकासी काफी हद तक करा दी गई है। अब तीन सप्ताह में टूटे संपर्क मार्ग को सही कराने के साथ ही नाले को ढकने का काम पूरा कराया जाएगा। - प्रांजल मिश्रा, साइट इंजीनियर, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण

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