फोटो 14: पीजीआई रोहतक में पोस्टमार्टम के लिए नवजात का शव लेकर पहुंचे परिजन व पुलिस। स्रोत: परिज
खरखौदा। दिल्ली रोड पर स्थित होशियार सिंह मेमोरियल मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल के चिकित्सक पर महिला की डिलिवरी के दौरान लापरवाही का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि डिलिवरी के बाद सांस लेने में दिक्कत होने पर नवजात को रेफर किया गया मगर रोहतक पहुंचने पर निजी अस्पताल के डॉक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। बच्चे के ताऊ ने चिकित्सक पर मुकदमा दर्ज कराया है।
झज्जर के गांव जसौरखेड़ी निवासी रोमी ने अस्पताल की डॉक्टर मोनिका दहिया और एक अन्य चिकित्सक के खिलाफ लापरवाही के आरोप लगाए हैं। नवजात के ताऊ रोमी ने बताया कि उनका छोटा भाई अनुज टैक्सी चालक है।
अनुज शुक्रवार सुबह अपनी गर्भवती पत्नी शीतल को डिलिवरी के लिए खरखौदा के होशियार सिंह मेमोरियल मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल लेकर आए थे। दिनभर शीतल को प्रसव पीड़ा होती रही लेकिन सामान्य प्रसव नहीं हो सका। परिजनों ने शाम को डॉक्टर से ऑपरेशन करने का आग्रह किया।
रोमी का आरोप है कि डॉक्टर ने बताया कि सर्जन को बुलाना पड़ेगा लेकिन उसे आने में डेढ़ घंटे से अधिक समय लग गया। रात करीब साढ़े नौ बजे ऑपरेशन किया गया।
इसके बाद डॉक्टर और नर्स बाहर आए और बताया कि बच्चे को सांस लेने में परेशानी हो रही है। नवजात को रेफर करना पड़ेगा। नवजात को रोहतक के निजी अस्पताल ले जाया गया जहां पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
रोमी ने आरोप लगाया कि सुबह से ही इंजेक्शन दिए जा रहे थे लेकिन समय रहते ऑपरेशन न करने और लापरवाही के चलते नवजात की जान चली गई।