सोनीपत। विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी) कार्ड बनवाने वाले दिव्यांगों के लिए राहत भरी खबर है। अब यूडीआईडी बनवाने के लिए पोर्टल पर खुद पंजीकरण करने का विकल्प दिया गया है। नई गाइडलाइन के चलते हर बुधवार को पहले की तरह चिकित्सा बोर्ड बैठेगा। गठित किए गए बोर्ड में चिकित्सकों की संख्या पहले से ज्यादा होगी। पहली बार बोर्ड में बाल रोग विशेषज्ञ को शामिल किया गया है।
सरकार ने मार्च में यूडीआईडी कार्ड बनाने के लिए नई गाइडलाइन जारी की थी। सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से गाइडलाइन को बुधवार से लागू कर दिया गया है। नई गाइडलाइन के तहत जिला नागरिक अस्पताल के चिकित्सक दल को दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में 23 से 25 अप्रैल तक दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनाने के लिए प्रशिक्षण दिलाया जा चुका है। नई गाइडलाइन के तहत यूडीआईडी पोर्टल को अपडेट किया जा रहा है। इसके चलते बुधवार को यूडीआईडी पोर्टल नहीं चल सका। पोर्टल की वजह से पंजीकरण न होने से दिव्यांगों को परेशानी हुई। जिलेभर से काफी संख्या में अस्पताल पहुंचे दिव्यांगों पोर्टल न चलने के कारण लौटना पड़ा। वहीं दिव्यांगता जांच कराने के लिए हड्डी रोग विशेषज्ञ कक्ष के बाहर दिव्यांगों की कतार लगी रही। चिकित्सक नई गाइडलाइन व पुरानी गाइडलाइन के मानकों के जरिए दिव्यांगता जांच करने में उलझे रहे। इसकी वजह से किसी भी दिव्यांग व्यक्ति की जांच नहीं हो सकी। मामला सिविल सर्जन कार्यालय में पहुंचा तो दोपहर बाद नई गाइडलाइन के जरिए दिव्यांगता जांच करने के आदेश जारी किए। तब तक दिव्यांग इंतजार के बाद लौट चुके थे।
नई गाइडलाइन के तहत चिकित्सक बोर्ड में दो हड्डी विशेषज्ञ, दो नेत्र विशेषज्ञ शामिल होंगे। बोर्ड में बाल रोग विशेषज्ञ को पहली बार शामिल किया गया है। इसके अलावा ईएनटी विशेषज्ञ व ऑडियोलाॅजिस्ट भी रहेंगे। दिव्यांगता असेसमेंट में भी फीसदी अंक बढ़ाए गए हैं। गाइडलाइन के तहत बोर्ड में जरूरत पड़ने पर निजी चिकित्सक को भी शामिल किया जा सकता है।
वर्जन
जिला नागरिक अस्पताल में नई गाइडलाइन के तहत यूडीआईडी कार्ड बनाए जाएंगे। अगले बुधवार से गठित मेडिकल बोर्ड दिव्यांगता जांच के बाद प्रमाणपत्र जारी करेगा।-डॉ. सीताराम, उप सिविल सर्जन, सोनीपत।