फोटो :05: सोनीपत के गांव राई के पास नेशनल हाईवे-44 को एनएच-334बी से जोड़ने के लिए की गई सडक़ की
सोनीपत। नेशनल हाईवे-44 से एनएच-334बी पर जाने वाले वाहन चालकों को राहत देने के लिए दोनों हाईवे का सीधा जुड़ाव करने की पहल की गई थी। राई के पास फ्लाईओवर के नीचे से ग्रिल हटाई थी। इसमें सोनीपत के बहालगढ़ से बागपत की तरफ जाने वाले कट की खोदाई कर उसे छोड़ दिया गया है। ऐसे में इस कट से बागपत की तरफ 334बी पर जाने वाले चालकों के हादसाग्रस्त होने का भय बना हुआ है।
कुंडली से पानीपत तक चौड़ीकरण के बाद 900 करोड़ में तैयार हुए 24 किलोमीटर लंबे नेशनल हाईवे-44 व चार लेन के संपर्क मार्ग को 20 जून, 2023 को लोकार्पित किया गया था। हाईवे से दिल्ली, हरियाणा के अलावा चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू व कश्मीर को जोड़ा गया है। नेशनल हाईवे-44 के ऊपर से नेशनल हाईवे 334बी के फ्लाईओवर को गुजारा गया है। नेशनल हाईवे के पास से संपर्क मार्ग बनाकर नेशनल हाईवे-334बी पर जाने के लिए मार्ग बनाया गया था। इसके लिए वाहन चालकों को रोहतक की तरफ जाने के लिए राई गांव से पास से नेशनल हाईवे-44 से उतरकर करीब आधा किलोमीटर पहले व बहालगढ़ के पास से भी आधा किलोमीटर पहले संपर्क मार्ग से होकर 334बी पर जाना पड़ता था। संपर्क मार्ग की हालत अक्सर बदहाल रहने से वाहन चालकों को परेशानी होती थी। वाहन चालकों को राहत देने के लिए फ्लाईओवर के नीचे से ही 334बी पर रास्ता बनाया गया।
इस पर दिल्ली-पानीपत लेन पर नालों को बंद कर मोटी स्लैब डालकर सड़क बना दी गई। उसके विपरीत पानीपत-दिल्ली लेन से ग्रिल हटाने के बाद सड़क को खोदकर छोड़ दिया गया है। ऐसे में यहां से बागपत की तरफ जाने में वाहन चालक के साथ हादसे का खतरा बना रहता है। खासकर रात के समय यहां स्ट्रीट लाइट भी नहीं होने पर दोपहिया वाहन चालक हादसे का शिकार हो सकते हैं।
हाईवे से गुजरते है हजारों वाहन
एनएच-44 पर हर दिन हजारों वाहन गुजरते हैं, जिसमें से रोजाना पांच हजार तक वाहन चालक एनएच-334बी पर जाते हैं। ऐसे में बहालगढ़ से बागपत की तरफ जाने वाले वाहन चालकों को परेशानी हो सकती है।
नेशनल हाईवे-44 से नेशनल हाईवे-334बी से सीधा जुड़ाव किया गया है। इसमें अगर कहीं सड़क निर्माण अधूरा है तो उसे जल्द बनवाया जाएगा। वाहन चालकों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। -जगभूषण शर्मा, परियोजना निदेशक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण