सोनीपत। शहर के अंदर ड्रेन नंबर छह को पक्का करने के बाहर जगह-जगह बने मैनहोल को ढकने में लापरवाही बरती गई है। ड्रेन पर हर 12 फुट पर बने मैनहोल खुले हुए हैं और लोगों के लिए डेंजर प्वाइंट बने हुए हैं। लोगों की तरफ से डेंजर प्वाइंट को बंद करने के लिए गुहार लगाई, लेकिन अधिकारियों व संबंधित कंपनी ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। मैनहोल में बालक के गिरने के बाद पूरा निगम प्रशासन ड्रेन पर आ पहुंचा।
सुंदरीकरण को लेकर वर्ष 2016 में ड्रेन नंबर 6 को बॉक्स आकार में ढकने की रूपरेखा तैयार की थी। यह कार्य दो साल में पूरा किया जाना था, लेकिन इसमें लगातार देरी होती गई। कायाकल्प और शहरी परिवर्तन के लिए अटल मिशन (अमृत) योजना के तहत पक्का किया जा रहा है। योजना के तहत 4.9 किलोमीटर लंबी ड्रेन पक्की करने के लिए नगर निगम ने एमएस गर्ग एजेंसी को 88 करोड़ की लागत से सितंबर 2017 को कार्य आवंटित कर दिया था। एजेंसी बाद में अपनी शर्तों पर खरा नहीं उतर सकी। इसके चलते निगम ने 8 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाकर एजेंसी से काम छीन लिया था। इसके बाद निगम की ओर से गावड़ कंस्ट्रक्शन कंपनी को नया टेंडर करीब 15 फीसदी अधिक राशि में आवंटित किया था। देवडू रोड से शादीपुर तक ड्रेन के पार्ट-1 को पक्का करने के लिए 92 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन निर्माण अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।
वर्जन
ड्रेन के पार्ट नंबर 1 का कार्य मानसून सीजन के चलते रुका हुआ है। खुले मैनहोल पर स्लैब रखने के लिए एजेंसी को कहा गया था, इस कार्य को पूरा करने के लिए एजेंसी की तरफ से लापरवाही की गई है।
-रामकरण हुड्डा, कनिष्ठ अभियंता, नगर निगम