सोनीपत। लघु सचिवालय में जाने वाले लोग लिफ्ट में जरा सोच समझ कर जाएं। वहां की बत्ती गुल हुई तो लिफ्ट रुकने पर आप उसमें फंस सकते हैं। लघु सचिवालय की लिफ्ट में मंगलवार को ऐसे ही अधिवक्ता व महंत समेत चार लोग फंस गए। बत्ती गुल होने से लिफ्ट भूतल पर ही अटक गई और खुल नहीं सकी। अंदर से सायरन बजाने व चिल्लाने से बाहर खड़े लोगों ने लिफ्ट पर दिए नंबर पर कॉल की। तब युवक मदद को पहुंचा तो चाबी से भी लिफ्ट नहीं खुली। बाद में पुलिसकर्मी ने लोगों संग मिलकर लिफ्ट को खोला और 15 मिनट बाद चारों को बाहर निकाला जा सका।
आदर्श नगर निवासी अधिवक्ता सुनील वत्स ने बताया कि वह मंगलवार को महंत परमेश्वरी देवी के साथ उपायुक्त से मिलने जा रहे थे। दोपहर 12 बजे पहली मंजिल पर जाने के लिए भूतल (ग्राउंड फ्लोर) से लिफ्ट में सवार हुए थे। उनके साथ एक अन्य महिला व व्यक्ति भी थे। वह पहली मंजिल पर जाने को लिफ्ट में गए तो उसी समय बिजली चली गई, जिससे लिफ्ट रुक गई। चारों लिफ्ट के अंदर ही फंस गए। उन्होंने अंदर से सायरन बजाना शुरू किया। साथ ही परिचित अधिकारी को भी कॉल की। उनका सोनीपत से ट्रांसफर हो चुका था।
इसी बीच सायरन से निकल रही हल्की आवाज सुनकर लोग सचेत हो गए। लोग बाहर से आवाज लगाकर उन्हें ढांढस भी बंधा रहे थे। लोगों ने लिफ्ट पर दिए गए नंबर पर कॉल की। इसके बाद एक युवक चाबी लेकर पहुंचा, जिससे लिफ्ट नहीं खुल सकी। मौके पर पहुंचे एक पुलिसकर्मी ने उन्हें बताया कि चाबी लगाकर खिंचने से लिफ्ट को खोला जा सकता है। उन्होंने आसपास के लोगों की मदद से लिफ्ट के दरवाजों को पकड़कर खींचा तो वह खुल गए। इसके बाद अंदर फंसे अधिवक्ता समेत अन्य लोगों को बाहर निकाला गया।
लिफ्ट बंद होते ही पंखा भी रुका, कुछ देर बाद लाइट भी बंद हुई
अधिवक्ता सुनील वत्स ने बताया कि लिफ्ट के बंद होते ही अंदर लगा पंखा भी बंद हो गया। गर्मी में हालत बिगड़ गई। सभी पसीने से तर-बतर हो गए थे। अंदर लगा बल्ब भी पांच मिनट बाद बंद हो गया था, जिससे अंधेरा हो गया।
लघु सचिवालय में रोजाना पहुंचते है हजारों लोग
लघु सचिवालय में अपने काम लेकर रोजाना हजारों लोग पहुंचते है। लघु सचिवालय में प्रथम तल पर उपायुक्त कार्यालय के साथ ही सीटीएम, डीआरओ, डीडीपीओ के कार्यालय भी हैं। दूसरी मंजिल पर पुलिस विभाग के कार्यालय हैं तो तीसरी मंजिल पर निर्वाचन तहसीलदार व उनका स्टाफ, डीपीआरओ के साथ विजिलेंस की टीम भी बैठती है। महिला बाल विकास से जुड़ा कार्यालय भी है।
जनरेटर चलाया तो बाहर आ चुके थे चारों
लोगों की शिकायत के बाद जनरेटर भी चलाया गया। करीब 15 मिनट बाद जब तक जनरेटर को चालू किया गया, तब तक लिफ्ट में फंसे दो महिलाओं समेत चारों लोगों को बाहर निकाल लिया गया था।
12 बजे गुल हुई बिजली 12:30 बजे सुचारू हो सकी
लघु सचिवालय परिसर में 12 बजे गुल हुई बिजली आपूर्ति साढ़े 12 बजे शुरू हो सकी। इस दौरान लघु सचिवालय की गैलरियों में रोशनी काफी हल्की रह गई थी। बिजली सप्लाई शुरू होने के बाद ही रोशनी फैल सकी।
लिफ्ट के लिए यह नियम जरूरी
-लिफ्ट में लिफ्टमैन, पुलिस सहित अन्य हेल्पलाइन नंबर लिखे हों।
-लिफ्ट की मरम्मत कब हुई, उसका चार्ट चस्पा होना चाहिए।
-लिफ्ट में फंसने पर क्या करें-क्या नहीं, चेतावनी लिखी हो।
-बिजली चली जाए तो जनरेटर से लिफ्ट चालू हो जानी चाहिए।
-लिफ्ट में फंसे लोगों को बचाने के सभी इंतजाम होने चाहिए।
-लिफ्ट के अंदर बैटरी संचालित इमरजेंसी अलार्म होना चाहिए।
-लिफ्ट में क्षमता से अधिक लोग न चढ़ें, रोकना लिफ्टमैन का काम।
वर्जन
मेरे संज्ञान में मामला आपके माध्यम से आया है। लाइट जाने के बाद लिफ्ट बंद हो रही है तो इसके लिए व्यापक प्रबंध कराए जाएंगे। लोगों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
-पूजा कुमारी, सीटीएम सोनीपत
फोटो 10: सोनीपत के लघु सचिवालय में लिफ्ट बंद होने के बाद उसमें फंसने के बाद बाहर निकलते अधिवक्त
फोटो 10: सोनीपत के लघु सचिवालय में लिफ्ट बंद होने के बाद उसमें फंसने के बाद बाहर निकलते अधिवक्त