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Sonipat News: बाबा के भेष में रहता था नीरज, लाठी लेकर घूमता था हिस्ट्रीशीटर

Sun, 17 May 2026 01:43 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो :: सोनीपत के खरखौदा में गैंगस्टर की हत्या के बाद मौके पर पहुंचे डीसीपी क्राइम नरेंद्र कादि
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खरखौदा । दहेज उत्पीड़न मामले में पेशी पर आए हिस्ट्रीशीटर नीरज उर्फ कातिया की खरखौदा न्यायालय परिसर के बाहर हुई हत्या ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। हत्या से पहले नीरज ने अपना हुलिया पूरी तरह बदल लिया था। कभी जींस-शर्ट में नजर आने वाला नीरज कुछ समय से बाबा के भेष में रहने लगा था।
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झज्जर के दूबलधन के नीरज उर्फ कातिया ने अब सफेद बाना धारण कर लिया था। बाल बढ़ा लिए थे। चप्पल-जूते तक पहनना छोड़ दिया था। हाथ में लाठी लेकर वह साधु-संतों जैसी वेशभूषा में दिखाई देता था।
पुलिस और आसपास के लोगों के बीच चर्चा है कि नीरज या तो धार्मिक गतिविधियों में लीन हो गया था या फिर अपनी पहचान छिपाने के लिए उसने यह भेष अपनाया था। हालांकि, शनिवार को पेशी के लिए पहुंचे नीरज को हमलावरों ने पहचान लिया और अदालत परिसर से बाहर निकलते ही गोलियों से भून दिया।
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पत्नी की शिकायत के बाद सामने आया था गैंगस्टर का चेहरा
नीरज की शादी वर्ष 2013 में किडौली निवासी नीतू से हुई थी। नीतू ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि शादी के करीब तीन महीने बाद ही नीरज हत्या के एक मामले में जेल चला गया था। उसी दौरान उसे पता चला कि उसका पति कुख्यात अपराधी और हिस्ट्रीशीटर है। शिकायत के अनुसार नीरज और उसके परिवार ने उसे मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया तथा जेल से छुड़वाने के लिए उसके पिता की जमीन तक गिरवी रखवा दी थी। बाद में नीतू दिल्ली में रहने लगी और वहीं से उसने पति व ससुराल पक्ष के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसी मामले में नीरज अदालत में पेशी पर आया हुआ था।
हत्या, लूट, अपहरण और फिरौती सहित 15 से ज्यादा केस
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार नीरज उर्फ कातिया पर हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, अपहरण और फिरौती मांगने जैसे करीब 15 संगीन मामले दर्ज थे। उसके खिलाफ झज्जर, सोनीपत, गुरुग्राम, रोहतक, दादरी और दिल्ली तक विभिन्न थानों में केस दर्ज बताए गए हैं।
अपहरण के मामले में दिल्ली पुलिस ने पकड़ा था
दिल्ली के आनंद पर्वत इलाके में उसने एक कारोबारी का अपहरण कर उसके परिवार से पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। कारोबारी की कार, नकदी और सामान लूटने के बाद उसे सड़क किनारे फेंक दिया गया था। बाद में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कुतुब मीनार क्षेत्र में मुठभेड़ के बाद उसे गिरफ्तार किया था। उस दौरान पुलिस ने उसके लॉरेंस बिश्नोई गैंग से संपर्क होने की बात भी कही थी।

कोर्ट पेशियों के दौरान हमले पहले भी बन चुके हैं चुनौती
खरखौदा और सोनीपत जिले में अदालत में पेशी के दौरान हमलों की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 24 अक्तूबर 2025 को खरखौदा में नितिन सैनी हत्या मामले में पेशी पर जा रहे पिता-पुत्र धर्मबीर और मोहित की एनएच-334बी पर गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी।
-वर्ष 2021 में सोनीपत न्यायालय में पेशी पर आए कुख्यात अजय उर्फ बिट्टू बरोणा को उसकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी ने गोली मार दी थी। इसके बाद हमलावरों ने उसके पिता कृष्ण की भी हत्या कर दी थी।
-11 मार्च 2016 को गन्नौर न्यायालय में पेशी पर आए बदमाश विकास दूधिया की भी बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
-अक्तूबर, 2010 को सोनीपत कोर्ट में पेशी के लिए लेकर आए गांव बुटाना निवासी ओमप्रकाश उर्फ प्रकाश फौजी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
-वर्ष 2009 में सोनीपत कोर्ट में पेशी पर लाए गए बुटाना निवासी संजय की हत्या कर दी गई थी।

फोटो :: सोनीपत के खरखौदा में गैंगस्टर की हत्या के बाद मौके पर पहुंचे डीसीपी क्राइम नरेंद्र कादि

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