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CWG 2022: पाकिस्तानी खिलाड़ी को हराकर स्वर्ण जीतने वाले नवीन की कहानी, पिता ने भैंस का दूध पिलाकर बनाया पहलवान

Sun, 07 Aug 2022 09:33 AM IST
भूपेंद्र सिंह रवींद्र कौशिक, संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

Commonwealth Games: भारत को शनिवार (छह अगस्त) को कुश्ती में छह पदक मिले। रवि दहिया, विनेश फोगाट और नवीन ने स्वर्ण पदक जीता। वहीं, पूजा गहलोत, पूजा सिहाग और दीपक नेहरा ने कांस्य पदक पर कब्जा किया। 
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गांव पुगथला में टीवी पर पहलवान नवीन मलिक का मुकाबला देखते माता-पिता व ग्रामीण। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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शनिवार को राष्ट्रमंडल खेलों में लगातार दूसरे दिन देश के पहलवानों का दबदबा रहा। भारत ने 9वें दिन कुश्ती में तीन गोल्ड मेडल जीते, जिनमें एक ओलंपिक पदक विजेता रवि दहिया, दूसरा पदक विनेश फोगाट व तीसरा पदक नवीन मलिक ने जीता। नवीन मलिक ने फाइनल में पाकिस्तान के खिलाड़ी को पटखनी देकर शानदार जीत हासिल की। रवि और विनेश फोगाट के बारे में लगभग सभी जानते ही हैं, आइए जानते हैं उभरते खिलाड़ी नवीन मलिक के बारे में, कौन है नवीन मलिक...

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नवीन ने पाकिस्तानी को पटखनी दी तो नाचने लगे परिजन 
हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव पुगथला के पहलवान नवीन मलिक ने जैसे ही पाकिस्तान के पहलवान मोहम्मद शरीफ ताहिर को 9-0 से पटखनी दी तो परिजन व ग्रामीण खुशी से झूमने लगे। मिठाई बांटकर बेटे की जीत पर खुशी मनाई। पहलवान नवीन मलिक के गांव पुगथला में दोपहर से ही खुशी का माहौल था।

नवीन की कुश्ती देखने के लिए परिजन व ग्रामीण टीवी के सामने आ जमे थे। नवीन जब भी प्वाइंट जीतते वैसे ही उनका घर तालियों से गूंज उठता। सोना जीतने के बाद एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी मनाई। नवीन के पिता धर्मपाल का का कहना है कि हमें बेटे की उपलब्धि पर गर्व है।
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उनके अलावा उनकी मां गुणमति, भाई प्रवीन व ग्रामीणों ने नवीन के बेहतरीन खेल पर एक-दूसरे को बधाई दी। बेटे की जीत पर नवीन के माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू नजर आए। पिता धर्मपाल ने कहा कि उनका साधारण सा परिवार है और खेती कर अपना गुजर बसर करते हैं। 

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नवीन मलिक। - फोटो : सोशल मीडिया
बड़े भाई से सीखकर कुश्ती के प्रति बढ़ा रुझान 
नवीन के बड़े भाई प्रवीन भी पहलवान हैं। अपने भाई की पहलवानी को देखते देखकर नवीन को भी पहलवानी का शौक हुआ, इसके बाद पिता ने नवीन को भी प्रशिक्षण लेने भेज दिया। वर्ष 2016 तक दोनों भाइयों ने सोनीपत के कोच बलवान सिंह के पास प्रशिक्षण लिया। वर्ष 2016 में उनके बड़े भाई प्रवीन का नेवी में चयन हो गया। इसके बाद प्रवीन के साथ-साथ नवीन भी नेवी की टीम के साथ प्रशिक्षण लेने लगा। इस दौरान उसने कई राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण जीता। हाल ही में नवीन ने एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण जीता था। 

बेटे को भैंस का दूध पिलाकर बनाया पहलवान 
पिता धर्मपाल ने बताया कि उन्होंने भैंस का दूध पिलाकर अपने बेटे को पहलवान बनाया है। अब उन्हें अपने बेटे के प्रदर्शन पर गर्व है। अब उन्हें पूरी उम्मीद है कि बेटा ओलंपिक में भी सोना जीतकर लाएगा। जिससे उन्हें और भी ज्यादा खुशी मिलेगी। 
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