सोनीपत। झारखंड के रांची में 24 जनवरी से होने वाले राष्ट्रीय स्कूली हॉकी टूर्नामेंट के लिए अंडर-17 बालिका टीम के चयन को लेकर सवाल उठने लगे है। सोनीपत की हॉकी खिलाड़ियों के अभिभावकों ने चयन प्रक्रिया में भेदभाव का आरोप लगाया है।
उनका कहना है कि राज्यस्तर पर उपविजेता रहने के बावजूद सोनीपत की केवल दो खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम में जगह दी गई जबकि 5 से 6 खिलाड़ियों का चयन होना चाहिए था। जब इस संबंध में समिति से बातचीत की गई तो संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। अभिभावक महेंद्र, विजय, दीपक ने बताया कि खेल विभाग की ओर से 19 से 21 सितंबर 2025 तक 58वीं राज्यस्तरीय स्कूल खेल प्रतियोगिता आयोजित की गई थी।
अंडर-17 हॉकी प्रतियोगिता में हिसार की टीम ने पहला, सोनीपत ने दूसरा, फतेहाबाद ने तीसरा और पानीपत ने चौथा स्थान प्राप्त किया था। इसके बाद तीन सदस्यीय चयन समिति ने राष्ट्रीय टीम का गठन किया जिसमें हिसार की टीम से 9 प्लस 1 खिलाड़ी शामिल किया है। उपविजेता सोनीपत की टीम से केवल दो खिलाड़ी हैं।
19 जनवरी से सोनीपत में अभ्यास
राष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट को लेकर चयनित टीम का अभ्यास 19 जनवरी से पांच दिनों के लिए सोनीपत में प्रस्तावित है। यहां चयनित खिलाड़ी अभ्यास के बाद राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी। हालांकि, अभिभावकों का आरोप है कि अभ्यास के लिए न तो पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और न ही पीटीआई (फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर) की व्यवस्था की गई है।
राज्यस्तर या राष्ट्रीय टीम चयन के लिए किसी भी विजेता या उपविजेता टीम से खिलाड़ियों का कोई तय कोटा नहीं होता। चयन पूरी तरह खिलाड़ियों की व्यक्तिगत प्रतिभा और निरंतर प्रदर्शन के आधार पर किया जाता है। चयन समिति सभी खिलाड़ियों के खेल कौशल का आकलन कर ही अंतिम टीम का गठन करती है। -सत्यवीर सिंह, वाईएसओ, खेल विभाग पंचकूला।