सोनीपत। राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का तीसरे दिन अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर चर्चा का रहा। पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ के भौतिकी विभाग के प्रो. संदीप सहिजपाल ने सौर मंडल की उत्पत्ति व विकास के साथ ग्रहों और चंद्रमाओं के निर्माण पर जानकारी साझा की। उन्होंने युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया।
आईआईटी रुड़की के प्रो. शिव प्रसाद ने क्रिस्प और फजी सेट के दैनिक जीवन में उपयोग के उदाहरण प्रस्तुत किए। दिन का समापन शिक्षा विभाग से डीईएसएम डॉ. आशीष के. श्रीवास्तव के साइबर सुरक्षा और डिजिटल दुनिया पर वार्ता के साथ किया गया। उन्होंने साइबर खतरों जैसे कंप्यूटर वायरस व ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के महत्व पर जोर देते हुए सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए। सत्रों के बीच ब्लू बॉटल प्रयोग, परफ्यूम का उपयोग कर गैसों की विलेयता, न्यूटन के तृतीय नियम का प्रदर्शन, परावर्तन और अपवर्तन, सतही तनाव की मनोरंजन जानकारियां दी गई।
मॉडल में पारंपरिक कृषि को तकनीक से जोड़ने पर केंद्रित किया ध्यान
नवोन्मेषी कृषि तकनीक :
राजकीय उच्च विद्यालय, कोट मंगल सिंह, लुधियाना, पंजाब से हरजोत कौर ने उन्नत कृषि विधियां प्रदर्शित की। इसमें मछली पालन, पौधों की खेती का संयोजन, मिट्टी के बिना पौधों को धुंध में उगाना शामिल रही। इसका उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, मिट्टी के स्वास्थ्य को बहाल करना और भूमि क्षरण से निपटना है।
मल्टीपर्पज कृषि परियोजना :
के. साई सत्विक और ए. रोहित तेजा, केके रेड्डी हाई स्कूल, तेलंगाना ने सौर ऊर्जा संचालित सिंचाई प्रणाली, रडार-आधारित फसल संरक्षण और स्वचालित जैव उर्वरक छिड़काव जैसे समाधान शामिल किए।
अंडा हैचिंग इनक्यूबेटर :
पीएम श्री यूपीजी राजकीय उच्च विद्यालय, झारखंड से राजीव मोदी और रोहित कुमार ने कम लागत वाला अंडा हैचिंग इनक्यूबेटर डिजाइन किया। यह ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया है।
ई-प्लांट : ऑटोमेटिक स्मार्ट एग्री सिस्टम :
राजीव गांधी मेमोरियल हायर सेकेंडरी स्कूल, कन्नूर, केरल के देवदर्श चंद के. और जिया एस. जित का मॉडल ई-प्लांट सेंसर का उपयोग कर सिंचाई, उर्वरक प्रबंधन व कीट नियंत्रण करने का मॉडल प्रस्तुत किया।
सोनीपत से चार हजार विद्यार्थियों ने किया भ्रमण
बारिश भी युवा वैज्ञानिकों का जोश कम नहीं कर पाई। सोनीपत जिले के करीब चार हजार विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी का भ्रमण किया। जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया के निर्देशन में जिला विज्ञान विशेषज्ञ सुरेंद्र सिंह ने विज्ञान सेमिनार की जानकारी दी। पूनम पीजीटी भौतिक विज्ञान, बीसवांमील ने 23, डॉ. नीना व अनिल पीजीटी रसायन विज्ञान मॉडल टाउन ने 16 हैंड्स ऑन एक्टिविटी प्रस्तुत की, इसकी अतिरिक्त निदेशक पंचकूला हिमांशु गौतम व अतिरिक्त निदेशक नीरज शर्मा ने भी सराहना की।