सोनीपत। सहपाठी के इलाज के लिए पीजीआई रोहतक में रक्त नहीं मिला तो वर्ष 2008 में नरेंद्र हुड्डा ने पहली बार रक्तदान किया। पीजीआई जैसे बड़े संस्थान में रक्त की कमी को पूरा करने के लिए खुद युवाओं का समूह तैयार किया और हर तीन माह में रक्तदान करते रहे।
रोहतक के गांव खिड़वाली के मूल निवासी नरेंद्र हुड्डा बताते हैं कि वह खुद रक्तदान करने के साथ दूसरों को रक्तदान के बारे में जागरूक कर रहे हैं। 40 वर्षीय नरेंद्र हुड्डा अब तक 60 बार रक्तदान कर चुके हैं। रक्त की कमी से लोगों की जान न जाए, इसी प्रयास के चलते उन्होंने वर्ष 2016 में जनहित अभियान फाउंडेशन बनाया। आज उस फाउंडेशन के बैनर तले 150 से ज्यादा रक्तदान शिविर लगाए जा चुके हैं। फाउंडेशन का गठन करने से पहले वह रोहतक के साथ सोनीपत जिले में युवाओं के साथ मिलकर रक्तदान शिविर लगाए। जहां रक्त की जरूरत पड़ी वहां मौके पर पहुंचकर रक्तदान किया। उन्होंने लोगों से हर तीन माह में रक्तदान करते की अपील की।