संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। पुराना बस स्टैंड स्थित सत नगर में नाना साहब पेशवा की 202वीं जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने उन्हें सन् 1857 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का शिल्पकार और महान योद्धा बताया।
मुख्य वक्ता आजाद हिंद देशभक्त मोर्चा के निदेशक डॉ. सुरेश सेतिया ने कहा कि नाना साहब ने 1857 के विद्रोह के दौरान कानपुर में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व किया था। उन्होंने ब्रिटिश सेना को आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर कर दिया था। अंग्रेजों ने उन्हें पकड़ने की कई कोशिशें कीं लेकिन वे सफल नहीं हो सके।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सामाजिक कार्यकर्ता हर भगवान चोपड़ा ने की। उन्होंने कहा कि नाना साहब कुशल सेना नायक, महान राष्ट्र भक्त और अदम्य साहस वाले व्यक्ति थे। उनका नाम छत्रपति शिवाजी महाराज और संभाजी महाराज के बाद पूरे देश में सम्मान के साथ लिया जाता है।
कार्यक्रम में मार्गदर्शन मोर्चा के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी का रहा। इस मौके पर उधम सिंह, सुभाष शर्मा, मनोज सैनी, बलवान सिंह, सोनू राठौर, अनिल शर्मा, मुश्ताक, सुषमा सेतिया, रीना कश्यप, साहिदन मुल्ला और रेशु सहित अन्य लोग मौजूद रहे।