सोनीपत के गांव जवाहरा में भाजपा के मुंडलाना मंडल के अध्यक्ष की हत्या के बाद विलाप करती महिलाएं।
सोनीपत। गांव जवाहरा के नंबरदार सुरेंद्र (42) ने दो दशक पहले राजनीति में कदम रखा था। वर्ष 2003-04 के दौरान वह राजनीति में आए थे। इनेलो से राजनीति में उनकी शुरुआत हुई थी। वह लंबे समय तक इनेलो में रहे और कई वर्ष तक जिला सचिव रहे। बाद में वह वर्ष 2016 में भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला के कार्यकाल में भाजपाई हो गए थे।
सुरेंद्र ने वर्ष 2011 में जिला पार्षद का चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे। उसके बाद वर्ष 2016 में सरपंच का चुनाव लड़ा और हार गए थे। वर्ष 2022 में उनकी पत्नी कोमल ने सरपंच का चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गई थीं। भाजपा में सक्रिय होने के चलते उन्हें दो माह पहले ही मुंडलाना मंडल अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। इससे पहले उन्होंने भाजपा में पंचायती राज प्रकोष्ठ का मंडल अध्यक्ष का दायित्व भी निभाया था। उनके इंटरनेट मीडिया पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली व अन्य नेताओं के साथ फोटो उपलब्ध हैं।
जमीन खरीदने से बढ़ी रंजिश
नंबरदार सुरेंद्र ने लगभग तीन-चार साल पहले मनु की बुआ व उसके ताऊ के लड़के की लगभग डेढ़-दो एकड़ जमीन खरीद ली थी। मनु इससे नाराज था और सुरेंद्र से रंजिश रखता था। वह कई बार जमीन उनके नाम करवाने की मांग कर चुका था। मनु नहीं चाहता था कि उनके परिवार की जमीन को कोई बाहरी खरीदे। जमीन के विवाद के चलते उनकी गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
सुरेंद्र नंबरदार तीन बच्चों के पिता थे। उनकी हत्या किए जाने से तीनों से बच्चों के सिर से पिता का साया उठा गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। रिश्तेदार व आसपास के लोग परिजनों को ढांढ़स बंधाते रहे।
सोनीपत के गांव जवाहरा में भाजपा के मुंडलाना मंडल के अध्यक्ष की हत्या के बाद विलाप करती महिलाएं।