गन्नौर। प्रदेश सरकार सरसों की खरीद के दावे भले ही करती हो, लेकिन अनाज मंडियों में सरसों की सरकारी खरीद ई-खरीद पोर्टल के खराब होने के चलते नहीं हो पा रही है। ई-खरीद पोर्टल पर रिकॉर्ड दर्ज नहीं होने से मंडी में सरसों की फसल ले कर पहुंच रहे किसानों को गेट पास नहीं मिल रहे हैं। जिस कारण उनकी फसल की सरकारी खरीद नहीं हो पा रही है।
मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर क्षेत्र में इस बार 1938 एकड़ में सरसों की खेती करने का पंजीकरण कराया गया है, जिसमें से 338 एकड़ ही ई-खरीद पोर्टल पर अपलोड हुई है। जबकि करीब 1600 एकड़ फसल अभी तक पोर्टल पर अपलोड नहीं हुई है। जिन किसानों की फसल पोर्टल पर अपलोड नहीं हुई है उन्हें गेट पास नहीं मिल रहा है। जिस वजह से उनकी फसल की सरकारी खरीद भी नहीं हो पा रही है। इसकी एक बड़ी मुख्य वजह ई-खरीद पोर्टल न चलना है। पोर्टल में तकनीकी खामियों के चलते फसलें अपलोड नहीं हो रही हैं। वहीं दूसरी वजह किसानों की फसल सत्यापन न होना भी है। मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर सरसों की फसल का पंजीकरण होने के बाद उसे राजस्व विभाग के पटवारी सत्यापन करते हैं। गन्नौर के कुछ गांवों में अभी तक पटवारियों ने फसल का सत्यापन नहीं किया है। जिसकी वजह से उनका रिकॉर्ड ई-खरीद पोर्टल पर नहीं दर्ज हुआ है।
किसान नेताओं ने दी चेतावनी
सरसों की सरकारी खरीद न होने पर किसान यूनियनों ने भी सरकार का विरोध जताया है। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के जिलाध्यक्ष जयभगवान मलिक, भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के ब्लॉक अध्यक्ष विरेंद्र पहल के नेतृत्व में भी किसान नेता बुधवार को मार्केट कमेटी कार्यालय में पहुंचे और अधिकारियों से सरसों की सरकारी खरीद जल्द से जल्द शुरू करवाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकारी खरीद जल्द शुरू नहीं की गई तो वह प्रदर्शन करेंगे।
सरसों की खरीद शुरू न होने का मामला संज्ञान में आया है। राजस्व विभाग को तुरंत फसलों को सत्यापन करने के लिए कहा गया है। राजस्व विभाग की तरफ से सोमवार तक का समय मांगा गया है। सोमवार तक सभी फसलों का सत्यापन करने के बाद उन्हें मुख्यालय भिजवा दिया जाएगा। -अनुपमा मलिक, एसडीएम