सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी), मुरथल में मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर 46 दिनों से चल रहा धरना, 21 दिनों की भूख हड़ताल व जसमिंदर सिंह के चार दिनों का आमरण अनशन आखिरकार रंग लाया है। कुलपति ने विद्यार्थियों व शोधार्थियों की कुछ मांगों को मान लिया है, जबकि कुछ मांगों के लिए 30 अगस्त का समय मांगा है। इन मांगों को पूरा करने के लिए शोधार्थियों को लिखित में आश्वासन दिया है। इसके बाद शनिवार को भूख हड़ताल पर बैठे शोधार्थी जसमिंदर सिंह को कुलपति ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त करवाया।
विश्वविद्यालय में धरने पर बैठे शोधार्थियों ने मांगे पूरी नहीं किए जाने से खफा होकर वीरवार को प्रदर्शन करते हुए कुलपति निवास का घेराव किया था, साथ ही गेट पर ताला भी जड़ दिया था। सभी विद्यार्थी व शोधार्थी रात भर कुलपति निवास के बाहर ही डटे रहे थे। इसके बाद शुक्रवार को देर शाम तक एसडीएम की अध्यक्षता में बैठक में कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने छात्रावास संबंधी शिकायतों का समाधान करवाने का आश्वासन दिया था। साथ ही अन्य मांगाें को पूरा करने के लिए 30 अगस्त तक का समय मांगा था। मांगे पूरी होने के बाद ही शोधार्थियों व विद्यार्थियों ने राहत महसूस की। दूसरी तरफ डीसीआरयूएसटी में छात्र समुदाय ने अपनी मांगों को चल रहे धरने को समाप्त नहीं किया है। विद्यार्थियों ने कहा कि 30 अगस्त तक मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा ताकि विश्वविद्यालय प्रशासन पर निगरानी बनी रहे और आश्वासन के अनुसार कार्रवाई हो। शोधार्थियों ने कहा कि यह संघर्ष विद्यार्थियों की एकता, धैर्य और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। अब सभी विद्यार्थी उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी समस्याओं का समाधान जल्द ही किया जाएगा।