फोटो : 44 सोनीपत के अशोक विहार में पौधों की देखभाल करती मुकेश रानी। संवाद
सोनीपत। भागदौड़ भरी शहरी जिंदगी और कंक्रीट के बढ़ते विस्तार के बीच हरियाली का सपना अक्सर अधूरा रह जाता है लेकिन अशोक विहार निवासी मुकेश रानी ने इसे अपनी मेहनत से साकार कर दिखाया है। उन्होंने अपनी छत व आंगन को ऐसा हरा-भरा रूप दिया है, जहां प्रकृति की खुशबू और सुकून दोनों साथ महसूस होते हैं।
गांव जुआं की मूल निवासी मुकेश रानी करीब चार साल पहले सोनीपत में आकर बस गई थीं। गांव की मिट्टी और हरियाली से जुड़ाव उनके जीवन का अहम हिस्सा रहा, जिसे उन्होंने शहर में भी जीवित रखा।
आज उनकी छत पर जेड प्लांट, स्नेक प्लांट, रामा तुलसी, बद्रीनाथ तुलसी, गेंदा, गोजिया और गुड लक जैसे 60 से अधिक पौधे सजे हैं, जो घर के माहौल को ताजगी से भर देते हैं।
रूटीन का हिस्सा बनी बागवानी : मुकेश रानी के लिए पौधों की देखभाल अब दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। वह बताती हैं कि सुबह और शाम पौधों के बीच समय बिताना उन्हें मानसिक शांति देता है और दिनभर की थकान को कम करता है।
उनके अनुसार, हर पौधा सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत है जो घर के वातावरण को बेहतर बनाता है।