संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। राई स्थित खेल विश्वविद्यालय में महिला कर्मी को आपत्तिजनक मैसेज भेजने का मामले में आंतरिक समिति को एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपनी होगी। मामले में सामने आया है कि जिस सहायक प्रोफेसर पर आरोप लगे हैं वह खुद आंतरिक शिकायत समिति का सदस्य था।
मामला उजागर होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोपी को समिति से हटाकर उसकी जगह दूसरे सहायक प्रोफेसर को शामिल कर लिया है।
महिला कर्मी ने विश्वविद्यालय के कुलपति को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि संबंधित सहायक प्रोफेसर दिसंबर 2025 से लगातार व्हाट्सएप पर आपत्तिजनक संदेश भेज रहा था। बार-बार कॉल कर परेशान कर रहा था।
शिकायत के साथ कथित चैट के स्क्रीन शॉट भी सौंपे गए हैं। वायरल हो रहे एक मैसेज में हग तो नॉर्मल है जैसे शब्द लिखे होने का दावा किया जा रहा है जिससे मामला और संवेदनशील हो गया।
महिला का आरोप था कि आरोपी देर रात तक मैसेज भेजता था। कई बार अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल करता था।
जनवरी में लगातार संपर्क करने की कोशिशों से वह मानसिक रूप से परेशान हो गई थी। उन्होंने अपनी कार्यस्थल लोकेशन तक बदलनी पड़ी लेकिन इसके बावजूद आरोपी के मैसेज और कॉल आना बंद नहीं हुए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया है। कुलपति अशोक ने जांच आंतरिक समिति को सौंप दी है। आरोपी स्वयं आंतरिक समिति में था जिसे हटा दिया गया है। उसके स्थान पर सहायक प्रोफेसर नीरज को सदस्य बनाया गया है।
पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष रूप से कर समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।