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Sonipat News: अटेरना के कांवड़िये की बागपत में हत्या से गांव में मातम

Sat, 03 Aug 2024 05:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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सोनीपत। बागपत में अटेरना के कांवडिये की हत्या से गांव में मातम पसर गया। घटना का पता लगने के बाद राई से विधायक एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली के भाई माईराम कौशिक, जोगी-योगी समाज के प्रदेशाध्यक्ष सतपाल योगी, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष राजबीर जोगी भी अस्पताल में पहुंचे। उन्होंने उत्तर प्रदेश व हरियाणा पुलिस से न्याय की मांग की है। माईराम कौशिक ने कहा कि मामले में निष्पक्ष जांच कर ठोस कार्रवाई की जाए।
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आगे निकलने को लेकर हुई नोकझोक
गांव अटेरना निवासी हर्ष ने बताया कि उसका छोटा भाई वंश (18) गांव के युवाओं के साथ डाक कांवड़ लेने के लिए 28 जुलाई को हरिद्वार गया था। वह भी अपने भाई के साथ डाक कांवड़ में साथ था। लौटते समय बागपत जिले के गांव भड़ल में आगे निकलने को लेकर हुई नोकझोक में उनकी बाइक छीन ली गई। बाइक छीनने का आरोप बागपत के गांव हलालपुर के कांवडियों पर है। इसके बाद उनमें झगड़ा हो गया। हलालपुर गांव के कांवड़ियों ने वंश और उसके साथियों पर चाकू व डंडों से हमला कर दिया। वंश को बचाने गए रोहित और विजय भी बुरी तरह घायल हो गए। साथ ही कर्ण, प्रवीन, नितिन, रितेश व प्रवीन को भी चोट लगी।
वंश ने पास की थी 12वीं कक्षा
परिजनों ने बताया कि वंश ने इसी वर्ष 12वीं कक्षा पास की है। वह जल्द ही कॉलेज में दाखिला लेना चाहता था। उनके बड़े भाई हर्ष बीकॉम कर रहे है। उनके पिता मुकेश के पास कैंटर है और वह ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं। परिजनों ने बताया कि वंश ने कभी किसी से झगड़ा नहीं किया। गांव में मातम पसरा है। ग्रामीण परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं।
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पुलिस पर पहले टरकाने और फिर बीच रास्ते में छोड़ने का आरोप

कांवड़ लेने साथ गए हरिओम और दीपक का आरोप है कि पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली बहुत खराब रही। चाकू लगने से वंश जिंदगी और मौत से जूझ रहा था, मगर पुलिस ने उनकी मदद तक नहीं की। वह पुलिस के हाथ जोड़ते रहे तो पुलिस ने उनको खुद ही बिनौली सीएचसी में जाने के लिए कह दिया। उन्होंने कहा कि उनपर रास्ते में हमला हो सकता है तो उसके बाद बाइक पर दो पुलिस कर्मी उनके साथ गए, मगर वह भी बीच रास्ते से वापस आ गए। अगर पुलिस की मदद मिलती तो शायद इतनी बड़ी घटना नहीं होती। वह घटना के बाद मदद के लिए दोघट थाने में पहुचे लेकिन वहां पुलिसकर्मियों ने उन्हें छपरौली जाने को कहा। वह घायलों को लेकर पहले बनौली की पीएचसी में पहुंचे। जहां से उन्हें बागपत भेज दिया। उनके एक साथी वंश की मौत हो गई। जिस पर वह अपने साथी वंश का शव सोनीपत के नागरिक अस्पताल में ले आए।
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