सोनीपत। रविवार शाम आई आंधी ने जिले में जमकर कहर ढहाया। जिले में डेढ़ हजार से अधिक पेड़ व 608 बिजली के खंभे टूट गए। वहीं विभिन्न स्थानों पर 68 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। आंधी ने सबसे अधिक कहर राई व कुंडली क्षेत्र में ढहाया। यही कारण रहा कि इस क्षेत्र में 30 घंटे बाद भी बिजली आपूर्ति बाधित रही। बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि आंधी ने इस क्षेत्र मेें आंधी ने भारी नुकसान हुआ है। कर्मचारी लगातार व्यवस्था को दुरुस्त करने मेें जुटे हुए हैं। सोमवार शाम को आई तेज हवाओं ने दोबारा बिजली आपूर्ति सुचारू करने में बाधा पैदा कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम ने साथ दिया तो बिजली आपूर्ति दुरुस्त करने में मंगलवार दोपहर तक का समय लग सकता है।
तीन दिन से भीषण गर्मी के बाद पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से रविवार शाम को आंधी के साथ जमकर बारिश हुई। लोगों के घरों की छत पर लगे सोलर पैनल तक आंधी में उखड़ गए। सोमवार सुबह लोग सोलर पैनल व गलियों में गिरी ग्रिल उठाते नजर आए। सोमवार को दिन भर भीषण गर्मी रही, लेकिन दोपहर बाद फिर आसमान बादलों से घिर आया और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। कुछ देर हुई बारिश ने सड़कों पर जलभराव की स्थिति पैदा कर दी। जिससे राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश होने से लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की। सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 40 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 27 डिग्री दर्ज किया गया।
इंसेट
निरथान में ढह गई चहारदीवारी, हादसा बचा
आंधी ने ग्रामीण क्षेत्रों में भी भारी तबाही मचाई है। गांव निरथान में चहारदीवारी ढह गई। जिससे बड़ा हादसा बच गया। सेहरी रोड पर भी अनेकों खंभे टूट गए। सोमवार को दिन भर बिजली निगम के कर्मचारी व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटे रहे। बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों के रोजमर्रा के काम बाधित रहे। बिजली न आने से लोगों व पेयजल संकट का भी सामना करना पड़ा।
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जनरेटर के सहारे चलीं फैक्ट्रियां
राई व कुंडली क्षेत्र में 30 घंटे से बाधित बिजली आपूर्ति के कारण फैक्ट्रियाें में काम बाधित रहा। राई इंडस्ट्रियल मेन्युफेक्चरिग एसोसिएशन के प्रधान राकेश देवगन ने बताया कि फैक्टरी संचालकों को मजबूरन काम करवाने के लिए जनरेटर का सहारा लेना पड़ा। औद्योगिक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित न रहने से कई फैक्टरियों में काम ही नहीं हो पाया। मजदूर भी दिन भर बिजली आने की बाट देख वापस लौट गए। कुछ फैक्टरी संचालकों ने जनरेटर का सहारा लेकर काम चलाया।
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कहां कितनी हुई बारिश
सोनीपत 05 एमएम
गन्नौर 06 एमएम
खरखौदा 04 एमएम
राई 07 एमएम
गोहाना 00 एमएम
खानपुर 00 एमएम
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आंधी में कितने खंभे टूटे, कितने ट्रांसफार्मर हुए क्षतिग्रस्त
खंभे (11 मीटर) 84
खंभे (09 मीटर) 524
25 केवीए ट्रांसफार्मर 13
63 केवीए ट्रांसफार्मर 17
100 केवीए ट्रांसफार्मर 36
200 केवीए ट्रांसफार्मर 02
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बिजली पानी के लिए ककरोई चौक पर लगाया जाम
बिजली पानी की किल्लत से परेशान लोगों ने सोमवार रात सवा नौ बजे ककरोई चौक पर जाम लगा दिया। लोगों का आरोप था कि भीषण गर्मी में 27 घंटे से बिजली-पानी नहीं मिल रहा है। जिससे परेशान होकर उन्हें सडक़ पर उतरना पड़ा। जाम की सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर 10 मिनट बाद जाम खुलवा दिया। नगर निगम के एक्सईएन निजेश कुमार ने बताया कि शहर के पश्चिमी क्षेत्र में बिजली नहीं होने से पानी की आपूर्ति भी बाधित है। बुस्टिंग स्टेशन में जो पानी था उसकी आपूर्ति कर दी गई है। लोगों की समस्या के समाधान का प्रयास किया जा रहा है।
आंधी में बिजली के तारों पर गिरे पेड़, बाधित हुई बिजली आपूर्ति
खरखौदा। रविवार शाम को आई आंधी के बाद सोमवार को दोपहर बाद चली तेज हवाओं से बिजली व्यवस्था दोबारा चरमरा गई। शहर के कई हिस्सों में बिजली के तारों पर पेड़ टूटकर जा गिरे, जिससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। ग्रामीण क्षेत्र में खंभे टूट जाने व ट्रांसफार्मर गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित रही। आंधी में सेहरी से सिसाना मार्ग पर बिजली निगम को काफी नुकसान हुआ है। नंबरदार बलवान व किसानों ने बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने की मांग की है। रोहतक व खांडा मार्ग पर भी बिजली लाइन पर पेड़ टूटकर गिर जाने से बिजली आपूर्ति बाधित रही। देर शाम तक भी बिजली सुचारु नहीं हो पाई थी।
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बूंदाबादी के बाद लोगों को मिली गर्मी से राहत
गन्नौर। सोमवार शाम को तेज हवाओं के साथ हुई बूंदाबादी से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। किसानों के भी चेहरे खिल उठे हैं। किसान सुरेंद्र, प्रेम राठी, रमेश का कहना कि इस समय हुई बारिश से किसानों को फायदा होगा। उनकी ज्वार व धान रोपाई के लिए तैयार की जा रही जमीन के लिए पानी देने की जरूरत नही पड़ेगी। किसानों ने बताया कि धान रोपाई की तैयारी करते हुए अपनी जमीन को तैयार करके छोड़ दिया है। जब समय आएगा तो किसानों को ज्यादा मेहनत नही करनी पड़ेगी।