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250 से अधिक उपभोक्ताओं ने एजेंसी कारिंदों के पास जमा कराया बिल, अब दोगुना होकर आया तो उड़े होश

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मलिकपुर में ज्यादा राशि के बिजली बिल मिलने के बाद बिजली निगम के खिलाफ रोष जताते ग्रामीण। संवाद - फोटो : Sonipat
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गांव-गांव जाकर बिजली निगम के बिल जमा करने वाली एजेंसी के कारिंदे गांव मलिकपुर में 250 से अधिक लोगों के लाखों रुपये लेकर फरार हो गए। बिजली बिल में पिछले बिल की जमा कराई गई राशि भी जुड़कर आई तो उपभोक्ताओं के होश उड़ गए। तब उन्हें उनके साथ हुई गड़बड़ी के बारे में पता चला। बिल जमा करने वाली एजेंसी के कारिंदों ने बिजली उपभोक्ताओं से वसूली गई बिल की राशि निगम के खाते में जमा न कराकर खुद ही हड़प ली। ज्यादा राशि के बिजली बिल आने पर लोगों ने मंगलवार को बिजली निगम व एजेंसी के खिलाफ रोष जताया। उन्होंने प्रशासन से मामले में जांच की मांग की। साथ ही उनकी तरफ से पिछले माह जमा कराई गई नए बिल में हटाने की मांग की।
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गांव मलिकपुर के उपभोक्ताओं ने बताया कि बिजली बिल जमा करने वाली एजेंसी के कारिंदे हर दो माह में बिल की राशि एकत्रित करने के लिए आते हैं। कारिंदे 20 फरवरी को गांव में आए थे। तब उन्होेंने एजेंसी के कारिंदों के पास बिल की राशि जमा कराई थी। इसकी एवज में एजेंसी के कारिंदों ने उन्हें कोई रसीद तक नहीं दी थी। बिजली बिल पर ही पेन से राशि लिखकर हस्ताक्षर करके ग्रामीणों को लौटा दिए थे। इसके बाद एजेंसी के कारिंदों ने उपभोक्ताओं से रुपये वसूल कर यह राशि बिजली निगम में जमा नहीं कराई। इसका खुलासा सोमवार को तब हुआ जब कारिंदों के पास बिल जमा कराने वाले उपभोक्ताओं के पास दोगुनी राशि के बिल पहुुंचे। उनमें पिछले बिल की राशि भी जोड़ी गई थी। जिसके बाद उन्हें मामले का पता लग सका।
ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार की ओर से बिल की राशि एकत्रित करने के लिए एजेंसियों को टेंडर दिया गया है। ऐसे में अब अगर कोई एजेंसी बिजली बिल की राशि वसूलने के बाद उसे जमा नहीं कराती तो उसमें उपभोक्ता को नुकसान नहीं होना चाहिए। बिजली निगम के अधिकारियों को एजेंसी पर शिकंजा कसना चाहिए। एजेंसी के कारिंदे जब बिल जमा करने गांवों में जाए तो उसके साथ निगम कर्मी को भेजना चाहिए। जिससे ग्रामीणों को परेशानी से बचाया जा सके।
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उपभोक्ताओं का क्या है कहना
मैंने फरवरी में 800 रुपये का बिजली बिल जमा कराया था। सोमवार को नए बिल मिले तो राशि पिछले बिल के मुकाबले दोगुना से अधिक थी। अब 1650 रुपये का बिजली बिल आया है। इस बिल में फरवरी में जमा कराई राशि को भी जोड़ा गया है। जिससे साफ है कि बिल जमा कराने आई एजेंसी के कारिंदों ने गड़बड़ी की है।
देवेंद्र गोयल, ग्रामीण।
ज्यादा राशि के बिल भेजकर उपभोक्ताओं को परेशान किया जा रहा है। दो माह पहले मैंने 260 रुपये जमा कराए थे। अब 450 रुपये का बिल मिला है। बिजली निगम की ओर से एजेंसी के कारिंदों पर शिकंजा कसना चाहिए और उपभोक्ताओं से वसूली गई राशि को जमा कराने के साथ ही उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। शीला, गृहिणी
घर में एक पंखा व एक बल्ब जलता है। मैंने फरवरी में 480 रुपये का बिजली बिल जमा कराया था। अब नया बिल 1260 रुपये का मिला है। जिसमें पिछली राशि भी जोड़ी गई है। पहले ही महंगाई ने परेशान कर रखा है। अब ज्यादा राशि के बिल भेजकर बिजली निगम ने परेशानी बढ़ा दी है। -कमलेश, गृहिणी।
मैंने बिजली के तीन कनेक्शन ले रखे हैं। फरवरी में मैंने एक बिल ऑनलाइन जमा कर दिया था। दो बिल एजेंसी के कारिंदों से भरवाए थे। सोमवार को मिले दोनों बिलों की राशि दोगुना मिली है। बुधवार को बिजली बिल की राशि एकत्रित करने के लिए एजेंसी के कारिंदे आएंगे। उस दौरान उनसे पिछली बार जमा की गई राशि का हिसाब मांगा जाएगा। बुलीराम त्यागी, ग्रामीण।
बिजली निगम के अधिकारी सजग नहीं हैं। ज्यादा राशि के बिल मिलने के बावजूद लोगों को कई बार कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं। बिजली निगम की ओर से एजेंसी पर शिकंजा कसा जाए तो बिजली बिलों की राशि जमा कराने में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होगी। सुंदर वर्मा, ग्रामीण।
बुधवार को उपमंडल अधिकारी व अन्य अधिकारियों को गांव मलिकपुर में भेजा जाएगा। वहां पर बिलों की जांच कराई जाएगी। इसके बाद एजेंसी के कारिंदों से फरवरी में वसूली गई बिल की राशि का जवाब मांगा जाएगा। साथ ही एजेंसी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। संदीप जैन, अधीक्षण अभियंता बिजली निगम।
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