सोनीपत। बेटियों को आत्मनिर्भर, निर्भीक और आत्मरक्षा के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से रविवार को हरियाणा खेल विश्वविद्यालय राई में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के तीन दिवसीय मिशन साहसी प्रशिक्षक प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ। 24 से 26 मई तक चलने वाले इस शिविर में देशभर से 150 से अधिक छात्राएं भाग ले रही हैं।
शिविर में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये छात्राएं अपने-अपने राज्यों में अन्य छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देकर उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य करेंगी। उद्घाटन समारोह में आईपीएस अधिकारी दीपिका अग्रवाल, अभाविप की अखिल भारतीय छात्रा कार्य प्रमुख मनु कटारिया, अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवान सोनम मलिक, हरियाणा खेल विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. जसविंदर सिंह, प्रांत अध्यक्ष डॉ. सुशील मेहता और तिथि विश्वास मौजूद रहे।
अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवान सोनम मलिक ने कहा कि आज के दौर में बेटियों को अपनी सुरक्षा और सम्मान की जिम्मेदारी स्वयं उठानी होगी। आत्मरक्षा का प्रशिक्षण केवल सुरक्षा का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का भी प्रतीक है।
मनु कटारिया ने कहा कि मिशन साहसी केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्राओं को निर्भय और सशक्त बनाने का राष्ट्रीय अभियान है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक देशभर में लाखों छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
आईपीएस दीपिका अग्रवाल ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि बेटियों का मानसिक रूप से मजबूत होना उतना ही आवश्यक है जितना शारीरिक रूप से सक्षम होना। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाएगा और उन्हें हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार करेगा।
शिविर के दौरान छात्राओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों, आपात परिस्थितियों में निर्णय क्षमता, नेतृत्व कौशल और व्यक्तित्व विकास से जुड़ा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।