खरखौदा। क्षेत्र में बाल विवाह का मामला सामने आने के बाद संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी ने मामले की रिपोर्ट मांगी थी। मामले की जांच में मामला सही पाए जाने पर पुलिस ने नाबालिग से शादी करने के आरोप में उसके पति व शादी कराने के आरोप में माता-पिता के खिलाफ केस दर्ज किया है।
बाल विवाह का मामला उस समय प्रकाश में आया था जब 22 मई 2025 को एक नाबालिग गर्भवती लड़की को खरखौदा के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। बाद में उसे पीजीआई रोहतक रेफर किया गया था जहां 23 मई को उसने बेटे को जन्म दिया। 25 दिन की आयु में शिशु की मृत्यु हो गई। इस पर संरक्षण अधिकारी ने थाना खरखौदा से कार्यवाही रिपोर्ट मांगी थी।
जब थाना खरखौदा ने रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की तो संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी की तरफ से पुलिस आयुक्त को पत्र लिखा गया। इसके बाद खरखौदा पुलिस की तरफ से जो रिपोर्ट प्रस्तुत की गई उसमें लड़की नाबालिग मिली, उसकी उम्र शादी के समय 16 साल पांच माह थी।
जांच में पाया कि उसके पति सकलू ने उसके साथ खरखौदा के ही एक मंदिर में शादी की थी। अधिकारियों के अनुसार प्रथम दृष्टया यह बाल विवाह का मामला है, जो बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 और पाक्सो एक्ट 2012 के दायरे में आता है।
इसके बाद संरक्षण अधिकारी रजनी गुप्ता ने थाना खरखौदा पुलिस को बयान, स्कूल सर्टिफिकेट, डिलीवरी दस्तावेज और शादी की तस्वीरों सहित 25 पेज की रिपोर्ट भेजते हुए मामले में संज्ञेय अपराध की दृष्टि से आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने को कहा है। साथ ही कार्यवाही रिपोर्ट से उन्हें अवगत कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। पुलिस ने मामले में नाबालिग लड़की के पति व माता पिता के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।