गोहाना। बरोदा थाना क्षेत्र के एक गांव की 16 वर्षीय किशोरी की शादी करीब 30 वर्षीय युवक से कर दी गई। किशोरी ने मामले से पुलिस को अवगत करवाया तो जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी ने बरोदा थाना में मुकदमा दर्ज करवाया। नाबालिग की शादी 11 दिसंबर, 2024 को हिसार जिले के एक गांव के रहने वाले सुरेंद्र के साथ की गई थी। किशोरी ने जुलाई 2025 में पुलिस को कॉल कर मामले की जानकारी दी।
हिसार की संरक्षण एवं बाल-विवाह निषेध अधिकारी ने अपने विभाग से संबंधित सोनीपत कार्यालय में शिकायत भेजी। सोनीपत के अधिकारियों ने नाबालिग की मां से संपर्क किया तो उसने बताया कि वह बेटी के साथ भाई के पास है। इस पर टीम लड़की को उसके मामा के साथ महिला थाने सोनीपत लेकर आई। लड़की के बयान दर्ज करने के बाद उसे बालग्राम, राई भेज दिया।
लड़की के मामा ने बताया कि भांजी की उम्र 16 साल से अधिक है। शादी उसकी बुआ के रिश्तेदार सुरेंद्र से की गई थी। अधिकारियों ने लड़की की मां, उसके पति, बुआ के बयान भी दर्ज किए हैं। अधिकारियों ने किशोरी की पढ़ाई का रिकॉर्ड निकलवाया तो उनकी जन्म तिथि 4 अगस्त, 2008 मिली।
सुरेंद्र ने अपनी स्कूल की अंकतालिका दी तो उसमें उसकी जन्मतिथि 14 जनवरी 1995 मिली। शादी के समय लड़की की उम्र 16 वर्ष 4 माह 7 दिन थी जबकि युवक की उम्र 29 वर्ष, 10 माह 27 दिन थी। लड़की अभी भी नाबालिग है। शादी में लड़की की मां, बुआ व एक अन्य रिश्तेदार की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
जिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता की शिकायत पर बरोदा थाना में केस दर्ज किया गया है। रजनी गुप्ता ने बताया कि मामला बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट पुलिस को भेज दी गई है। मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शादी से एक साल पहले टूट गया था लड़की का पैर
लड़की के मामा ने अपने बयान में बताया कि शादी से एक साल पहले भांजी का पैर एक्सीडेंट में टूट गया था। जिसका अब तक उपचार चल रहा है। भांजी के रिश्तेदारों ने उसकी शादी कराई थी।