अमर उजाला में ठेकेदारों के सरकार के 350 करोड़ रुपये दबाकर बैठने के साथ ही अवैध रेत खनन किए जाने के मामले को प्रकाशित किया गया तो खनन मंत्री मूलचंद शर्मा ने इसे गंभीरता से लिया। खनन मंत्री शनिवार को सोनीपत में विधायक मोहनलाल बड़ौली के यहां निजी कार्यक्रम में पहुंचे तो उसके बाद वह यमुना में खान पर छापा मारने पहुंच गए। जहां टिकौला व ग्यासपुर में पहुंचकर रेत खनन को लेकर छानबीन की।
खनन मंत्री मूलचंद शर्मा ने जिला खनन अधिकारी अशोक कुमार से सरकार के खाते में रुपये जमा नहीं कराने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई के बारे में जानकारी मांगी तो वह कोई जानकारी नहीं दे सके। जिस पर नाराजगी जताते हुए खनन मंत्री ने सोमवार तक कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट भेजने के आदेश खनन अधिकारी को दिए हैं। इसके साथ ही चंदौली, ग्यासपुर व बड़ौली के खनन ठेकेदारों को नोटिस देकर वसूली के आदेश दिए गए हैं।
अफसरों ने दबाई हुई थी नोटिस की फाइलें
खनन विभाग में अभी तक बड़ा खेल चल रहा था और जिन ठेकेदारों को नोटिस दिया जाना था, उनको नोटिस देने के लिए फाइलें जरूर तैयार की गई थीं। लेकिन नोटिस देने से पहले ही फाइलों को दबा दिया गया था। जिनको नोटिस दिया जाना था, उनमें चंदौली की लेरोन कंसलटेंट कंपनी, ग्यासपुर की अल्टीमेट कंपनी तो बड़ौली की टेक्रो एक्सपोर्ट कंपनी भी शामिल थी। अब खनन मंत्री की सख्ती के बाद विभाग के अफसरों में खलबली मच गई है और सरकार का रुपया दबाकर बैठे ठेकेदारों पर कार्रवाई की तैयारी कर दी गई है।