फोटो: सोनीपत के राजकीय स्कूल में प्रशिक्षण के दौरान मौजूद शिक्षक। स्रोत: शिक्षा विभाग
सोनीपत। शिक्षा विभाग की ओर से सभी राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में चल रहे कक्षा तत्परता कार्यक्रम (सीआरपी) के तहत विभिन्न गतिविधियों पर आधारित विशेष प्रशिक्षण अध्यापन के लिए रणनीति बनाई गई।
बालवाटिका-3 से कक्षा 5वीं तक के विद्यार्थियों को विभिन्न गतिविधियों पर आधारित शिक्षा दी जा रही है। यह कार्यक्रम पिछले शैक्षणिक वर्ष की दक्षता में पिछड़ रहे विद्यार्थियों को संवादात्मक तरीके से आगे बढ़ाने में अहम रोल अदा करेगा। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में पढ़ाई के प्रति और रुचि बढ़ाना, उनकी बुनियादी स्तर पर भाषा व गणितीय समझ को मजबूत करना है।
सर्वप्रथम निदेशालय से राज्य परियोजना क्रियान्वयन इकाई की सदस्य बुला कालड़ा ने ओरिएंटेशन कार्यक्रम के माध्यम से सभी मेंटर्स को एक-एक घंटे का प्रशिक्षण दिया। विभाग की ओर से प्राथमिक शिक्षकों को यूट्यूब पर 1 घंटे का लाइव सेशन टेलीकास्ट दिखाया गया।
जिला एफएलएन समन्वयक मनोज वर्मा ने बताया कि विद्यालयों में कार्यक्रम के तहत बच्चों को कहानियों, कविताओं, खेल, रोल प्ले व विभिन्न प्रोजेक्ट के माध्यम से गतिविधियां करायी जाएगी। इसको लेकर विभाग की ओर से कार्यक्रम की समय सारिणी भी तैयार की गई। इसे सभी विद्यालयों को 26 मई तक अपनाया जाना अनिवार्य रहेगा।
इसके बाद 28 से 30 मई तक कक्षा तीसरी, चौथी व 5वीं के विद्यार्थियों का मूल्यांकन होगा। जिसमें तर्क क्षमता विकसित करना, जोड़ घटाव, गुणा इत्यादि आधारित मूल्यांकन शामिल रहेगा। मेंटर्स को प्रत्येक 15 दिन में प्राथमिक शिक्षकों की ओर से विद्यार्थियों की स्किल पासबुक का अवलोकन करना होगा। इसकी रिपोर्ट खंड शिक्षा अधिकारी को भेजनी होगी।