सोनीपत। शहर की सरकार की पहली बैठक कराने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए पार्षदों से उनके वार्ड की समस्याओं के समाधान के लिए एजेंडे मांगे गए हैं। बुधवार को मेयर और पार्षदों की एजेंडे पर विचार विमर्श करने के लिए बैठक होगी तो उसके बाद निगम बोर्ड की बैठक की जाएगी। हालांकि निगम बोर्ड की बैठक बुधवार को कराने की तैयारी थी, लेकिन नियम के अनुसार बैठक के लिए पांच दिन पहले सूचना देने के कारण उसे आगे बढ़ाया गया। निगम बोर्ड की पहली बैठक में जहां शहर में अटके हुए विकास कार्यों को अब दोबारा शुरू कराने पर जोर रहेगा तो शहर में सफाई, सीवर की समस्या को दूर करने के साथ स्ट्रीट लाइटों को ठीक कराने को शामिल किया जाएगा।
सोनीपत में नगर निगम बनने के बावजूद अभी तक चुनाव नहीं हुए थे और अब साढ़े पांच साल बाद चुनाव कराए गए है। इस तरह से साढ़े पांच साल तक निगम की कमान अधिकारी थाम रहे थे और वह अपनी मर्जी से कार्य कराते थे। अब पहली बार शहर की सरकार बनी है तो शहर के विकास कार्यों का खाका तैयार करने के लिए पहली बैठक कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। जिसके लिए मेयर निखिल मदान ने सभी पार्षदों को बुधवार का दिन तय करके सूचना भिजवाई थी। जिससे सभी पार्षद अपने वार्ड की समस्याओं को उसमें रख सके। लेकिन मेयर निखिल मदान की कमिश्नर जगदीश शर्मा से बातचीत हुई तो उनको बताया गया कि बैठक से पहले एजेंडा फाइनल करने के साथ ही पांच दिन पहले सूचना दी जानी चाहिए। जिसके बाद मेयर व सभी पार्षदों ने तय किया कि वह सभी अपने वार्ड की समस्याओं के आधार पर एजेंडा तैयार करेंगे। जिसके लिए बुधवार को मेयर व पार्षद बुधवार को बैठक करेंगे और उसमें शहर की प्रमुख समस्याओं को शामिल किया जाएगा। जिसके तुरंत बाद ही निगम बोर्ड की पहली बैठक कराई जाएगी। हालांकि निगम बोर्ड की बैठक के लिए सोमवार को पूरी स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी कि उसे किस दिन कराया जाएगा।
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सीवरों की समस्या का अभी तक समाधान नहीं हो पाया
नगर निगम बनने के बाद भी सीवरों की समस्या का अभी तक समाधान नहीं हो पाया है। सीवर ओवरफ्लो होने से गलियों में पानी भरा रहता है। ऐसे मेें लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर निगम की ओर से अम्रुत योजना के तहत 80 करोड़ रुपये की लागत शहर की कालोनियों में सीवर लाइन बिछाई जा रही है। लेकिन अफसरों की लापरवाही के कारण काम अधिकतर जगह ठप पड़ा है। वहीं शहर में निगम की ओर से समय पर कूड़ा उठान का दावा किया जाता है। लेकिन हकीकत में दोपहर तक सड़कों पर पड़ा रहता है। शहर में बनाए गए प्वाइंटों से समय पर कूड़ा उठान नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी होती है। शहर में पार्किंग का निर्माण नहीं होने से अतिक्रमण की समस्या के कारण भी लोग परेशान है। शहर में स्ट्रीट लाइट भी काफी जगह खराब पड़ी है और उनको ठीक नहीं कराया जा रहा है। वहीं ऐसे भी काफी विकास कार्य है जो ठप पड़े हुए है। इन सभी समस्याओं के साथ ही ठप पड़े विकास कार्यों को शुरू कराने पर मेयर व पार्षदों का जोर रहेगा।
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नगर निगम कार्यालय में बुधवार को पहले पार्षदों के साथ बैठक करके एजेंडों पर विचार विमर्श किया जाएगा। शहर में सफाई व सीवर की समस्या को दूर करने के साथ ही स्ट्रीट लाइटों को ठीक कराने को एजेंडे में शामिल किया जाएगा। उसके बाद निगम बोर्ड की पहली बैठक कराई जाएगी। पहली बैठक बुधवार को करने की तैयारी हुई थी। लेकिन उस दिन लोहड़ी होने के साथ ही एजेंडा तैयार नहीं होने से उसमें बदलाव करना पड़ा।
- निखिल मदान, मेयर नगर निगम