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Sonipat News: ड्रेन नंबर-6 स्थित आईपीएस पर बंद पाइप और खराब मोटर को लेकर मेयर ने जताई नाराजगी

Mon, 08 Jun 2026 02:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो :: 14 सोनीपत में ड्रेन नंबर छह स्थित आईपीएस का निरीक्षण करते मेयर राजीव जैन। स्रोत प्रवक्त
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सोनीपत। नगर निगम मेयर राजीव जैन ने शहर के विभिन्न सीवरेज डिस्पोजल स्थलों का निरीक्षण करते हुए जलनिकासी व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने दूषित पानी एकत्र करने वाले कुओं से समय पर गाद निकालने व डिस्पोजलों पर मोटर व जनरेटर की तकनीकी खामियां दूर करने पर जोर दिया।
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निरीक्षण के दौरान मेयर ने ड्रेन नंबर-6 स्थित इंटरसेप्शन पंपिंग स्टेशन (आईपीएस) का जायजा लिया जहां एक मोटर बंद पाई गई तथा जनरेटर पर बैटरी नहीं मिली। इसके अलावा शनि मंदिर से आईपीएस तक जाने वाली बरसाती पानी की बड़ी पाइप के मुहाने पर गाद जमा होने के कारण पूरी तरह अवरुद्ध पाया गया।
उन्होंने नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि पाइपलाइन की तत्काल सफाई कर जल प्रवाह को सुचारू किया जाए। मेयर ने देखा कि कुछ स्थानों पर लंबे समय से सफाई नहीं की गई है जिससे गाद की मोटी परत जम गई है। उन्होंने खाटू श्याम मंदिर स्थित डिस्पोजल टैंक से गाद हटाने के कार्य की शुरुआत को समयानुकूल कदम बताया और इसे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
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ओल्ड डीसी रोड स्थित डिस्पोजल पर भी 5 से 6 फुट तक गाद जमा होने पर तत्काल सफाई कराने के आदेश दिए गए।

बारिश से पहले व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश
सेक्टर-23 स्थित डिस्पोजल का निरीक्षण करते हुए मेयर ने कहा कि बारिश के मौसम में बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त क्षमता वाले जनरेटर की व्यवस्था अनिवार्य है। साथ ही मोटर खराब होने की स्थिति में जलनिकासी व्यवस्था प्रभावित न हो इसके लिए अतिरिक्त दो मोटर रिजर्व में रखने के निर्देश दिए गए।
मेयर राजीव जैन ने कहा कि शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए विभिन्न स्थानों पर पंप सेट लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा अतिरिक्त पंप सेट भी स्टॉक में रखे जाएंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पानी निकाला जा सके।
उन्होंने कहा कि भारी बारिश के दौरान दो से तीन घंटे तक जलभराव होना सामान्य है लेकिन यदि पानी अधिक समय तक जमा रहता है तो उसे तुरंत निकालने की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। निरीक्षण के दौरान निर्देश दिए कि सभी डिस्पोजल और सीवरेज सिस्टम की नियमित निगरानी की जाए।
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