फोटो 01- सोनीपत के सेक्टर-15 स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब में बाबा बंदा सिंह बह
सोनीपत। सेक्टर-15 स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब में प्रबंधक समिति व साध संगत की ओर से बाबा बंदा सिंह बहादुर का शहीदी दिवस मनाया गया। अमृतसर के ढाडी जत्था की सुमनदीप कौर मान ने अपनी सहयोगियों के साथ गुरुद्वारा साहिब पहुंचीं। स्वरनजीत कौर और बबलजीत कौर ने ढाडी जत्थे को सिरोपा भेंट कर उनका स्वागत किया।
गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के सदस्य परमजीत सिंह ने बताया कि बाबा बंदा सिंह बहादुर महान योद्धा व तपस्वी थे। उनका जन्म 1670 ईस्वी में जम्मू-कश्मीर में हुआ था। उनका शुरुआती नाम लक्ष्मण देव था। फिर उन्होंने बैरागी मत अपनाया और उनका नाम माधव दास बैरागी हुआ।
जब गुरु गोविंद सिंह दक्षिण की यात्रा पर गोदावरी नदी के किनारे पहुंचे तो उनकी भेंट माधव दास बैरागी से हुई। वह गुरु गोविंद सिंह से प्रभावित होकर सिख बने और उनका नाम बाबा बंदा सिंह बहादुर रखा गया। गुरु गोविंद सिंह ने उन्हें पांच तीर व पांच सिख देकर पंजाब के लिए रवाना किया, जहां काफी सिख उनकी सेना में शामिल हुए।
उन्होंने सरहिंद फतह करके साहिबजादों की शहादत का बदला लिया। बंदा सिंह बहादुर ने पंजाब की धरती पर कई जंग लड़ी और सिख राज कायम करने में सफल हुए। अंतत: 1716 ईस्वी में उन्हें गिरफ्तार कर दिल्ली लाकर शहीद कर दिया गया।
इस दौरान गुरुद्वारा समिति के सदस्य सरदार गुरदयाल सिंह सोढ़ी, हरजीत सिंह, तजेंदरपाल सिंह, अमरीक सिंह, मनोज कालड़ा मौजूद रहे।
फोटो 01- सोनीपत के सेक्टर-15 स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब में बाबा बंदा सिंह बह