फोटो 10- सोनीपत के मॉडल टाउन रोड पर सेक्टर-15 स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब से
सोनीपत। गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में रविवार को सेक्टर-15 स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब से प्रभातफेरी निकालकर तीन दिवसीय सालाना शहीदी समागम का शुभारंभ किया गया। प्रबंधन समिति ने गुरु ग्रंथ साहिब की छत्रछाया व पंच प्यारों की अगुवाई में प्रभातफेरी निकाली। इसके बाद गुरुद्वारा साहिब में अखंड पाठ शुरू किया गया।
प्रभातफेरी सुबह शहर भर के सभी गुरुद्वारा साहिब से होते हुए वापस सेक्टर-15 स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब में संपन्न हुई। संगत से प्रभातफेरी में कीर्तन व गुरु तेग बहादुर की वाणी का गायन किया। गुरुद्वारा साहिब में रात को कीर्तन दरबार सजाया गया।
अमृतसर साहिब से परमजीत कौर, पम्मा, कौला ने सहयोगियों के साथ रात 8:30 से 10 बजे तक कीर्तन कर गुरु तेग बहादुर की जीवनी पर प्रकाश डाला। गुरुद्वारा प्रबंधन समिति से परमजीत सिंह ने बताया कि गुरु तेग बहादुर ने मानवीय मूल्यों की रक्षा करते हुए वर्ष 1675 में दिल्ली के चांदनी चौक पर अपना शीश बलिदान किया था।
गुरु के सामने पहले मती दास, सती दास व दयाल को शहीद किया गया, लेकिन फिर भी गुरु अडिग रहे, धर्म परिवर्तन के लिए तैयार नहीं हुए। गुरु तेग बहादुर की उच्चारण की गई वाणी गुरु ग्रंथ साहिब में दर्ज है। प्रभातफेरी में समिति के सदस्य गुरदयाल सिंह सोढ़ी, तेजेंद्र पाल सिंह, अमरीक सिंह, हरजीत सिंह, हरगोविंद सिंह, मनोज कालड़ा, फतेहचंद नारंग, गुरमेल सिंह मौजूद रहे।