गोहाना/गन्नौर/खरखौदा। अनाज मंडी में सरसों और गेहूं की खरीद शुरू होने से पहले तैयारियां तेज हो गई हैं। मार्केट कमेटी की तरफ से व्यवस्थाएं पूरी करने का दावा किया जा रहा है लेकिन अभी भी मंडियों में फसल लेकर आने वाले किसानों के लिए समुचित व्यवस्था का अभाव दिख रहा है। मंडियों में बिजली-पानी और शौचालय की फिलहाल मुकम्मल व्यवस्था नहीं दिख रही है।
खरखौदा के रोहतक मार्ग पर स्थित अनाज मंडी में इस बार जियो फेंसिंग के तहत ई-पोर्टल के माध्यम से सरसों व गेहूं की खरीद होगी। इसे लेकर मार्केट कमेटी की तरफ से अपनी तैयारी शुरू कर दी हैं। गेट पर ही इस व्यवस्था को बनाने के लिए काम किया जा रहा है। कर्मचारी पोर्टल पर मंडी की लोकेशन अपलोड करने का काम कर रहे हैं।
मंडी में बरसात से बचने के लिए बनाया जा रहा शेड अभी अधूरा है। इससे मंडी में आने वाले किसानों को परेशानी होगी। फिलहाल मंडी में आढ़तियों को ही अपने स्तर पर तिरपाल लगाकर बरसात से बचाने का काम करना पड़ता है। मंडी एसोसिएशन की तरफ से कई बार मंडी के अधूरे शेड को बनाने की मांग की भी गई है।
मंडी में खाने के लिए अटल कैंटीन की सुविधा है और शौचालयों में बिजली-पानी की व्यवस्था भी कर दी गई है। प्रकाश व्यवस्था के लिए फिलहाल लाइट लगाने का काम चल रहा है। आढ़तियों ने भी समय रहते इसकी व्यवस्था पूर्ण करने की मांग की है कि किसानों को समस्या न हो।
गन्नौर मंडी में पीने के पानी की सुविधा नहीं, गंदगी से अटा शौचालय
गन्नौर अनाज मंडी में फिलहाल व्यवस्थाओं की भारी कमी है। यहां सबसे बड़ी समस्या पीने के पानी व शौचालय की है। किसानों का कहना है कि हर साल गेहूं की खरीद के समय मंडी में भारी संख्या में किसान अपनी फसल लेकर पहुंचते हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से जरूरी इंतजाम समय पर नहीं किए गए। मंडी में लगे कई पानी के नल खराब पड़े हैं और कुछ स्थानों पर पानी की टंकियां भी खराब पड़ीं हैं। ऐसे में किसानों और मजदूरों को आढ़तियों के पास से पानी लाकर प्यास बुझानी पड़ रही है। शौचालय में गंदगी जमा है।
मंडी में खरीद से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी हो जाएंगी। मंडी में पीने के पानी के लिए तीन वाटर कूलर लगाए गए हैं। अगर फिर भी कोई समस्या है तो जल्द ही उसे ठीक करा दिया जाएगा।
- निशांत छौक्कर, चेयरमैन, मार्केट कमेटी
व्यवस्थाएं तो ठीक, लेकिन उठान समय 24 से 12 घंटे किया जाए
गोहाना अनाज मंडी में सरसों की खेप आने लगी है। फिलहाल आढ़ती अपने स्तर पर इसकी खरीद भी कर रहे हैं। आढ़तियों की मानें तो गोहाना मंडी में खरीद की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई हैं। मंडी में प्रकाश, वाटर टैंक की सफाई और वाटर कूलर की व्यवस्था को और बेहतर करने की जरूरत है। व्यापार मंडल गोहाना के प्रधान विनोद जैन ने कहा कि एक अप्रैल से खरीद शुरू होगी इसके लिए बारदाना पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होना चाहिए और फसल का उठान समय पर होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि नियम के अनुसार 24 घंटे में उठान होता है। अगर इसे घटाकर 12 घंटे किया जाए तो फसल सही तरीके से खरीदी जा सकती है।
मंडी में सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सफाई व्यवस्था दुरुस्त कर दी गई है और सीवरेज की भी सफाई करवाई गई है। मंडी के तीनों गेटों पर सीसीटीवी कैमरे सही तरीके से काम कर रहे हैं और पास काटने की व्यवस्था भी सुचारू है। बारदाना एजेंसियों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है। हैफेड, एचएसडब्ल्यूसी, डीएफएससी की ओर से इसकी सप्लाई की जाती है। खरीद का काम भी एजेंसियों के जरिए ही होगा। मंडी में दो शेड तैयार हैं। नमी मापने की मशीनें पहले ही पास करवाई जा चुकी हैं और सही तरीके से काम कर रही हैं।
- उमेद सिंह, ज्वाइंट सेक्रेटरी, मार्केट कमेटी
गन्नौर अनाज मंडी में गंदगी से अटा पड़ा शौचालय। संवाद
गन्नौर अनाज मंडी में गंदगी से अटा पड़ा शौचालय। संवाद