चौपाल संस्था के तत्वावधान में रविवार को चौथी वार्षिक मैराथन (लंबी दौड़) का आयोजन किया गया। यह मैराथन विभिन्न आयु वर्गों में गई। मैराथन में बच्चों से लेकर युवा, बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस मौके पर युवाओं को उत्साहवर्धन करने के लिए बुजुर्गों ने भी दौड़ लगाई। बैय्यापुर में आयोजित चौपाल केंद्र पर समापन समारोह का आयोजन किया गया। समापन समारोह में पहुंचे मुख्य अतिथि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री बीरेंद्र सिंह ने इस सफल आयोजन की बधाई दी और खिलाड़ियों को सम्मानित किया।
रविवार को मैराथन की शुरुआत 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के बुजुर्गों से हुई। जिनको गांव बैंयापुर से चौपाल संस्था के चेयरमैन व मैराथन के आयोजक डॉ. राजेंद्र सिंह टांक ने रवाना किया। उसके बाद नई अनाज मंडी के गेट से अंडर-14 वर्ष व 40-60 आयु वर्ग के लोगों को डॉ. टांक ने रवाना किया गया। तीसरी मैराथन साईं मंदिर बाइपास से लड़कियों व महिलाओं को ओपन रेस के लिए भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव जैन ने रवाना किया। सबसे बाद मुरथल स्थित दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विवि से ओपन रेस (14 से 40 वर्ष) पुरुष युवाओं को ओपन रेस के लिए रवाना किया गया। जिसको डॉ. राजेंद्र सिंह टांक ने रवाना किया। जिसके बाद प्रतिभागी दौड़ते हुए बैंय्यापुर में आयोजित हुए समापन समारोह की तरफ दौड़े। समापन समारोह के दौरान मुख्यातिथि केंद्रीय बीरेंद्र सिंह और विशिष्ट अतिथि के तौर सिक्किम के पूर्व राज्यपाल रणधीर सिंह सरोहा ने धावकों को मैराथन में हिस्सा लेने पर बधाई दी। करीब 10 हजार प्रतियोगियों ने मैराथन में हिस्सा लिया।
समापन समारोह के दौरान केंद्रीय ग्रामीण विकास, पंचायती राज तथा पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री बीरेंद्र सिंह ने चौपाल मैराथन के समापन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हार-जीत हर खेल का हिस्सा है। हर प्रतियोगिता एक नया विश्वास पैदा करती है। उन्होंने कहा कि मैराथन बड़ी दौड़ होती है, जिसमें कई चीजों की परीक्षा होती है। जीत के लिए स्टेमिना के साथ-साथ बुद्धि, ताकत, तकनीक व कौशल की आवश्यकता पड़ती है। उन्होंने शारीरिक रूप से अक्षम खिलाड़ियों को सलाम करते हुए कहा कि असली रोल माडल यही लोग हैं। ऐसे खिलाड़ियों ने शारीरिक रूप से मिली सभी बाधाओं को पार करते हुए सफलता प्राप्त की है। ये प्रेरणा के स्त्रोत हैं क्योंकि इन्होंने निराशा को कभी अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि आज का दिन उनके लिए खास है क्योंकि आज वे रोहतक में दीनबंधु छोटूराम की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित दौड़ का शुभारंभ करके आये हैं और एक कार्यक्रम में पुरस्कार वितरीत किये हैं।
चौपाल सरकार और मेडिकल एसोसिएशन के बीच कड़ी का काम करें
मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि चौपाल संस्था ने ग्रामीण स्तर पर चिकित्सीय सुविधाएं देने का प्रयास किया है, जो अनुकरणीय है। चौपाल को सरकार व मेडिकल एसोसिएशन के बीच कड़ी का काम करना चाहिए क्योंकि आज भी देश की 68 प्रतिशत आबादी गांवों में बसती है। चौपाल को अपनी आगामी मैराथन में इसी संदेश का प्रचार-प्रसार करना चाहिए कि गांवों में डाक्टरों की संख्या अधिक होनी चाहिए।
एनजीओ की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
उन्होंने कहा कि शहरों में डाक्टरों की संख्या ज्यादा है जबकि शहरी आबादी कम है। इस दौरान उन्होंने गैरसरकारी स्वयं सेवी संगठनों (एनजीओ) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि देशभर में करीब 34 लाख एनजीओ हैं, जिनमें से मात्र 88 हजार एनजीओ ही अपना लेखाजोखा सरकार को प्रेषित करते हैं। ऐसे में एनजीओ को लेकर शंका पैदा होती है। उन्होंने कहा कि एनजीओ को नि:स्वार्थ सेवा भाव से कार्य करना चाहिए।
गांव गांव को पक्की सड़कों जोड़ा जाएगा
केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि हर गांव को पक्की सड़कों से जोड़ा जाएगा, जिसके तहत शुरुआती दौर में 30 हजार किलोमीटर सड़क बनाई जाएगी। तरक्की के लिए बेहतरीन सड़कें और कनेक्टिविटी का होना जरूरी है। इसे समझते हुए ही गांवों में सड़कों का जाल बिछाने की ओर कदम बढ़ाये जा रहे हैं। इसके तहत हजारों करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
स्मृति चिन्ह किए भेंट
इस दौरान चौपाल संस्था के चेयरपर्सन एवं मैराथन के आयोजन डा. आरएस टोंक ने मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह व विशिष्ट अतिथि सिक्किम के पूर्व राज्यपाल रणधीर सिंह सरोहा को स्मृति चिन्ह भेंट किये। साथ ही उन्होंने चौपाल की स्थापना एवं उद्देश्यों और उपलब्धियों की भी जानकारी दी। इस दौरान केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने अपने ऐच्छिक कोष से चौपाल संस्था को पांच लाख रुपये की राशि भेंट करने की घोषणा भी की। कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाने वाले खिलाडिय़ों ने भी शिरकत की। मंच का संचालन डा. मोहिंद्र सिंह तथा डा. कनुप्रिया ने किया। इस मौके पर अर्जुन अवार्डी एवं पूर्व हॉकी टीम की कोच प्रीतम सिवाच, सुनीता दलाल, सविता मोर, अनूप सिंह, अमित धनखड़, पेराएथलीट अमित सरोहा, कृष्ण सरोहा, निर्मल तथा चौपाल की सचिव डा. मेधा एवं डीएसपी सतीश शर्मा आदि मौजूद थे।