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चार और मीट की दुकानों पर कार्रवाई की तैयारी

Sun, 22 Nov 2015 12:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
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दुकानों का किराया न भरने पर नगर निगम ने एक बार फिर कार्रवाई की तैयारी कर ली है। इन दुकानों को बंद करने के लिए सिर्फ ऑर्डर मिलने का इंतजार है। मीट मार्केट मेें वे चार दुकानें हैं जिनका किराया भरने के लिए नगर निगम को लिखकर दिया था, लेकिन 20 दिन बाद भी उन दुकानदारों ने अब तक कोई कदम तक नहीं उठाया है।
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बंद पड़े स्लाटर हाउस के पास बनी मीट मार्केट में 27 दुकानें है। जिनमें से 15 दुकानें ऐसी हैं जो किराए पर चढ़ी हैं। 12 दुकानें पहले से खाली पड़ी हैं। निगम में 15 में से कुल छह दुकानों का किराया जमा हो रहा है। बाकी 9 दुकानें मार्केट में बगैर किराए के चल रही थी। हाल ही में पांच दुकानों को बंद कर दिया गया था। इन दुकानों में चार मीट विक्रेताओं द्वारा किराया जमा कराने के लिए निगम को लिखकर दिया गया। लेकिन अभी तक उन मीट विक्रेताओं ने निगम कार्यालय तक नहीं पहुंचे।

9 नवंबर को किराया जमा नहीं कराने पर दुकानदारों ने लगाया था मिलीभगत का आरोप
9 नवंबर को मीट मार्केट से रूटीन में किराया जमा कराने के लिए आए दुकानदारों ने निगम कार्यालय मेें रोष जताया था। इस दौरान उन दुकानदारों का कहना था कि जिन चार दुकानदारों ने किराया जमा कराने के लिए नगर निगम को हस्ताक्षर करके दिए थे, अभी तक कोई किराया जमा नहीं हो पाया है। नगर निगम की अधिकारी मिलीभगत कर रहे है। कोई किराया वसूला नहीं जा रहा है, लेकिन आज प्रदर्शन के बावजूद नगर निगम के कार्यालय में किराया जमा नहीं हो पाया है।
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कई बार दिए जा चुके थे नोटिस, 30 अक्टूबर को पांच दुकानों पर जड़े थे ताले
अधिकारियों का कहना है कि निगम की ओर से इन दुकानदारों को कई बार नोटिस भी दिए जा चुके हैं, लेकिन उसके बावजूद दुकानदारों ने पिछले कई सालों से निगम में किराया जमा नहीं कराया है। जिस पर अब निगम ने 30 अक्टूबर को कठोर कदम उठाते हुए पांच दुकानों पर ताले जड़े हैं। चार दुकानदारों ने निगम के अधिकारियों को दुकान का किराया जमा करने के लिए लिखकर दिया था, लेकिन अभी तक वे दुकान कार्यालय तक नहीं पहुंच पाए।

55 लाख रुपये का हो रहा घाटा
मीट मार्केट में बनाई गई नौ दुकानों से टाइम पर किराया नहीं आ रहा था, जिसके चलते निगम को 55 लाख रुपये का घाटा हो रहा था। जिसके चलते निगम की दुकानों पर बैठे दुकान कोई कदम नहीं उठा रहे। चार दुकानदारों ने निगम की टीम को लिखित में दिया था कि वे पिछला सारा किराया जल्द जमा करवा देंगे। उन्होंने इसके लिए निगम की टीम से 15 दिन का समय भी मांगा है। 20 दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक कोई किराया जमा नहीं हो पाया है।

निगम की ओर से कार्रवाई के दौरान जिन दुकानदारों ने दुकानों का किराया भरने के लिए लिखकर दिया था, 20 दिन बीतने के बावजूद कोई किराया जमा नहीं हो पाया है। अब निगम की ओर से डीसी के आर्डर जारी होने के  इंतजार है। जल्द ही उन चार दुकानों को बंद किया जाएगा, जिन्होंने अभी तक किराया तक जमा नहीं कराया है। करीब 10 लाख रुपये किराया वसूला जाना है।
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-रोहताश बिश्नोई, कार्यकारी अधिकारी, नगर निगम
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