- जिले के चार परीक्षार्थियों ने पास की परीक्षा, सेल्फ स्टडी को बताया हथियार
- आशीष ने 592 अमनदीप ने 731वीं रैंक हासिल कर बढ़ाया जिले का मान
- तैयारियों कर रहे युवाओं को सोशल मीडिया से दूर रहने की दी सलाह
फोटो 17: 18, 19, 20 21
माई सिटी रिपोर्टर
सोनीपत। यूपीएससी द्वारा आयोजित सीएसई (2025) परीक्षा में जिले के सात होनहार विद्यार्थियों ने सफलता पाई है। मूल रूप से गांव बाघड़ू की रहने वाली मानसी ने 137वीं रैंक लाकर जिले का नाम रोशन किया है। वहीं गांव चिटाना के वैभव ने 344वीं, शहर के पंचम नगर निवासी आशीष ने 592वीं और गांव मुरथल के हरिनगर निवासी अमनदीप ने 731वीं रैंक हासिल कर सफलता का परचम लहराया है।
एक साथ चार युवाओं की सफलता से क्षेत्र के लोग गदगद हैं। परिणाम घोषित होते ही परिजनों और शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई। सफल अभ्यर्थियों को बधाई देने के लिए उनके घरों में लोगों का तांता लगा हुआ है।
मानसी डागर ने दूसरे प्रयास में पाया 137वां रैंक
गांव बाघड़ू व फिलहाल सेक्टर-23 की मानसी डागर ने दूसरे प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा पास की। उन्होंने बताया कि उन्हें यह सफलता सेल्फ स्टडी के दम पर मिली है। उनके पिता राजीव डागर टाटा कंपनी में इंजीनियर हैं। उनके छोटे भाई भुवनेश सेना में लेफ्टिनेंट हैं।
उन्होंने ऑनलाइन और सेल्फ स्टडी के सहारे परीक्षा पास की। मानसी बताती हैं कि उनका उद्देश्य समाजसेवा है। समाज के वंचित व आर्थिक वर्ग का सहयोग करना है। वह हर चीज व स्थिति को कानूनी हिसाब से देखना चाहती हैं। मानसी डागर भारतीय वन सेवा की मेन्स परीक्षा, राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) व इंजीनियरिंग में स्नातक योग्यता परीक्षा (गेट) की परीक्षा भी उत्तीर्ण कर चुकी हैं।
पहले प्रयास में नहीं कर पाई थीं प्री पास
मानसी डागर पहले प्रयास में प्री पास नहीं कर पाई थीं। यही से उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया और वह 2 साल से रोजाना 10 से 12 घंटे तक पढ़ाई की। उन्होंने मिरांडा हाउस, दिल्ली विश्वविद्यालय से भौतिकी में स्नातक की डिग्री हासिल की। मेंस में उनका वैकल्पिक विषय भौतिकी था।
बड़ी बहन के मोटिवेशन ने वैभव को दिलाई सफलता
गांव चिटाना फिलहाल वेस्ट रामनगर में रहने वाले वैभव शर्मा ने अपने तीसरे प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा पास की। उन्होंने सेल्फ स्टडी के जरिए 344वां रैंक हासिल किया। उनके पिता जयभगवान शर्मा सोनीपत कोर्ट में अधिवक्ता हैं।
वैभव ने बताया कि वर्ष 2021 से यूपीएससी करना उनके जीवन का लक्ष्य था हालांकि 344वां रैंक मिलने के बाद उनका मन पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। वह आगे रैंक में सुधार लाने का प्रयास भी कर सकते हैं। अपनी मेहनत के बलबूते और बड़ी बहन सीए रितिका शर्मा के मोटिवेशन से उन्होंने इस कामयाबी को हासिल किया।
वैभव भारद्वाज ने बताया कि पहले प्रयास में वह प्री क्लीयर नहीं कर पाए, जबकि दूसरे प्रयास में मेन्स क्लीयर न कर पाना उनकी सफलता में बाधा बने। इसके बाद उन्होंने करीब 12 घंटे की सेल्फ स्टडी से अपने लक्ष्य को हासिल किया। वर्ष 2024 में दिल्ली के हिंदू कॉलेज से ही मॉडर्न इतिहास विषय से स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की।
वैभव ने अपने यूपीएससी के लक्ष्य को पाने के लिए स्नातक व स्नातकोत्तर की पढ़ाई के साथ रोज करीब 7-8 घंटे पढ़ाई को दिए। इसके बाद इंटरनेट पर ऑनलाइन कोचिंग से रोजाना 9 से 10 घंटे तक पढ़ाई की। वैभव ने बताया कि उनकी मां सीमा गृहिणी हैं, जिन्होंने हर समय उनका साथ दिया।
सोशल मीडिया से दूरी और निरंतर अभ्यास से मिली सफलता : आशीष
592वीं रैंक हासिल करने वाले पंचम नगर के रहने वाले आशीष ने बताया कि उनकी सफलता का श्रेय माता-पिता, भाई और मेंटर को जाता है। यह उनका पांचवां प्रयास था। आशीष कहते हैं कि निरंतर अभ्यास और लगन ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने बिना किसी कोचिंग के केवल टेस्ट सीरीज और एनसीईआरटी किताबों से यह कामयाबी पाई है। दिन में 10 से 11 घंटे की पढ़ाई और सोशल मीडिया से दूरी ने मार्ग प्रशस्त किया। आशीष का कहना है कि सोशल मीडिया की वजह से भटकाव आता है। उनके पिता हरियाणा पुलिस में एसआई हैं और बचपन में उन्होंने ही यूपीएससी के बारे में बताया था जिसके बाद इसे ही अपना लक्ष्य बनाया। इसमें उनकी एक दोस्त जो उनकी मेंटर भी हैं जिन्होंने उन्हें बहुत सपोर्ट किया। दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से एमए आशीष ने यूपीएससी में वैकल्पिक विषय भी इकोनॉमिक्स को ही रखा था। उनकी इच्छा आम लोगों की सेवा उनका बेहतर हमदर्द बनकर करने की है।
फोटो : सोनीपत के सेक्टर-23 में यूपीएससी परीक्षा पास करने पर मानसी डागर को मिठाई खिलाकर मुंह मीठ
फोटो : सोनीपत के सेक्टर-23 में यूपीएससी परीक्षा पास करने पर मानसी डागर को मिठाई खिलाकर मुंह मीठ
फोटो : सोनीपत के सेक्टर-23 में यूपीएससी परीक्षा पास करने पर मानसी डागर को मिठाई खिलाकर मुंह मीठ
फोटो : सोनीपत के सेक्टर-23 में यूपीएससी परीक्षा पास करने पर मानसी डागर को मिठाई खिलाकर मुंह मीठ