खरखौदा कोर्ट परिसर के बाहर गैंगस्टर नीरज उर्फ कातिया की दिनदहाड़े हत्या के मामले में तीन मुख्य आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। स्पेशल एंटी गैंगस्टर यूनिट (एसएजीयू) सोनीपत ने गांव रेवली के पास कार्रवाई करते हुए आरोपियों को दबोचा। पुलिस मुठभेड़ में तीनों आरोपियों के पांवों में गोली लगी है।
एसएजीयू प्रभारी अजय धनखड़ को रविवार दोपहर सूचना मिली कि खरखौदा कोर्ट परिसर के बाहर नीरज कातिया हत्याकांड के आरोपी मुरथल क्षेत्र में छिपे हुए हैं और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना के आधार पर एंटी गैंगस्टर यूनिट ने गांव रेवली के आसपास घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। पुलिस टीम ने जब संदिग्ध युवकों को देखकर रुकने और आत्मसमर्पण करने के लिए कहा तो आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। उनकी तरफ से चार-पांच गोलियां चलाई गई।
जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला, जिसमें तीनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी और उन्हें घायल अवस्था में काबू कर लिया गया। पुलिस ने मौके से झज्जर के गांव दूबलधन निवासी साहिल उर्फ नवनीत, साहिल उर्फ भाऊ तथा सोहन उर्फ काकू को काबू किया। पुलिस ने इनके कब्जे से तीन अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए हैं।
घायल आरोपियों को अस्पताल में कराया भर्ती
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घायल आरोपियों को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और हत्याकांड से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।