सोनीपत। वैदिक प्रवक्ता आचार्य राजकुमार शर्मा ने कहा कि जिस समय भारत में नारी का अपमान किया जाता था, उस समय आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानंद सरस्वती ने महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ी। उन्होंने कहा कि नारी पूजनीय है।
आचार्य राजकुमार काठ मंडी स्थित आर्य समाज के 39वें वार्षिक उत्सव पर आर्य वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में चल रहे पांच कुंडीय अथर्ववेद पारायण महायज्ञ के चौथे दिन कही। इससे पहले अथर्ववेद पारायण महायज्ञ में यजमान के रूप में यशदेव दहिया, पूनम, देवेंद्र, प्रमिला, शक्ति सिंह, बबीता, योगेंद्र, सीमा, आनंद कुंडू, बबीता, जोगेंद्र खत्री, राजकुमारी, राजकुमार ने श्रद्धालुओं के साथ आहुति डाली।
राजकुमार शर्मा ने कहा कि आज महिलाएं पर्दे से बाहर निकलकर हर क्षेत्र में प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। इसका श्रेय स्वामी दयानंद सरस्वती को जाता है। अथर्ववेद के अनुसार विद्वान अतिथि के आने से घर में श्रद्धा, दीक्षा, सौंदर्य, धन, शोभा की समृद्धि होती है। इसलिए विद्वान अतिथि का भोजन से सत्कार अवश्य करना चाहिए।
कार्यक्रम में आर्य समाज के प्रधान धर्मप्रकाश दहिया, मंत्री कपिल देव, कोषाध्यक्ष अरुण कुमार, पुरुषोत्तम दास, प्राचार्य नरेंद्र सिंह, कलावती आर्य, प्रवीण दहिया, सतबीर सरोहा, राजपाल दहिया, ऋषि डबास, उमेद सिंह, नरेंद्र कुहाड़, भगत सिंह, चांदकौर, रजवंत कौर, संतोष, सतेंद्र, दिलावर, जसबीर मौजूद रहे।