संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। हरियाणा खेल विश्वविद्यालय, राई में मिट्टी से मैट तक विषय पर कबड्डी कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को कबड्डी से जुड़ने के लिए प्रेरित करना व खेल के बदलते स्वरूप और संभावनाओं से अवगत कराना था। इसमें कबड्डी खेल के वरिष्ठ दिग्गजों ने अनुभव साझा किए।
उन्होंने कबड्डी में कॅरिअर के विभिन्न मार्गों की जानकारी देते हुए अपनी संघर्षपूर्ण यात्रा से अवगत कराया। विद्यार्थियोंं को खेलों के प्रति समर्पण और अनुशासन का महत्व समझाया। विशेषज्ञों ने बताया कि कबड्डी आज के समय में क्रिकेट के बाद भारत का दूसरा सबसे लोकप्रिय खेल है।
उन्होंने बताया कि यह खेल अब वैश्विक स्तर पर भी तेजी से लोकप्रियता हासिल कर रहा है जिसका उदाहरण हाल ही में इंग्लैंड में आयोजित कबड्डी विश्व कप है। वर्तमान में कबड्डी खिलाड़ियों के लिए देश में कई तरह के रोजगार एवं आर्थिक अवसर उपलब्ध हैं।
कार्यशाला में द्रोणाचार्य अवॉर्डी एवं वर्तमान प्रो-कबड्डी कोच बलवान सिंह व आरएस खोखर, अर्जुन पुरस्कार विजेता सुंदर सिंह तंवर, साक्षी पुनिया, सुंदर राठी व परमजीत मलिक, अंतरराष्ट्रीय कोच छज्जू राम गोयत, सेवानिवृत्त साई कोच एवं वर्तमान प्रो-कबड्डी कोच जयबीर शर्मा, सेवानिवृत्त डीएसओ मन्नी राम, जय भगवान, सतबीर ढुल एवं दलबीर सिंह, कोच रणबीर सिंह, प्रमुख कबड्डी खिलाड़ी हुकुम सिंह, बिजेंद्र सिंह, प्रदीप मलिक एवं सुखविंदर सिंह शामिल रहे।
कार्यशाला का आयोजन विश्वविद्यालय के कबड्डी कोच श्रीपाल व कबड्डी स्पेशलाइजेशन के विद्यार्थियों की ओर से किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कबड्डी के दिग्गजों को एक मंच पर लाकर उनके अनुभवों से छात्रों को लाभान्वित करना था।
कार्यक्रम में शारीरिक शिक्षा एवं खेल संकाय के अधिष्ठाता प्रो. योगेश चंद्र, खेल विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता डॉ. विवेक कुमार सिंह, सीनियर कंसल्टेंट (स्पोर्ट्स) प्रो. राजेंद्र प्रसाद गर्ग, वित्त अधिकारी नीलम कौशिक उपस्थित रहे। कुलपति अशोक कुमार ने अतिथियों को शॉल व पौधा भेंट कर सम्मानित किया।