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यूक्रेन में फंसे युवाओं से टूटा संपर्क, चिंता में रातभर नहीं सो पाए परिजन

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यूक्रेन में फंसा गांव चौहान जोशी निवासी सागर सैनी। - फोटो : Sonipat
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यूक्रेन में बिगड़े हालातों के बीच सोनीपत के कई विद्यार्थी वहां फंसे हुए हैं। कई युवाओं का परिजनों से संपर्क भी टूट गया है। जिस कारण अपने बच्चों की चिंता में परिजन रातभर सो भी नहीं पाए। बस ईश्वर से ही बच्चों के सकुशल लौटने की प्रार्थना करते रहे।
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यूक्रेन में भारतीय दूतावास के सदस्य विद्यार्थियों को सुरक्षा मुहैया करवाते हुए जमीन के नीचे बने मेट्रो स्टेशन पर लेकर गए हैं, ताकि हमले के दौरान विद्यार्थियों को सुरक्षित रखा जा सके। बंकर से बाहर निकलकर परिजनों से संपर्क साध रहे युवाओं ने बताया कि बंकरों में कई बार रेंज न होने से संपर्क नहीं हो पा रहा। युवाओं ने परिजनों को बताया कि उनके पास अब खाने का सामान भी खत्म होने को है। कई युवाओं का कहना है कि उन्होंने सुबह से कुछ भी नहीं खाया। अपने बच्चों को लेकर चिंतित परिजनों ने सरकार से सभी विद्यार्थियों को यूक्रेन से जल्द निकालने की मांग की है।
सोनीपत से मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन में कई विद्यार्थी गए हैं। इनमेें राई के गांव चौहान जोशी के भी कई युवा शामिल हैं। शुक्रवार को चौहान जोशी निवासी शील कुमार सैनी, अजीत चौहान, राजेश चौहान, धीरज चौहान, नरेंद्र चौहान, सुरजीत चौहान एकत्रित होकर राई के विधायक मोहनलाल बड़ौली से मिलने उनके सेक्टर-15 स्थित आवास पर पहुंचे। परिजनों ने विधायक से यूक्रेन में फंसे उनके बच्चों को सकुशल निकलवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि रूस द्वारा यूक्रेन पर हमला करने के बाद बच्चों को न खाना मिल रहा है और न ही पीने को पानी। परिजनों ने विधायक से इस मामले में प्रदेश सरकार से बात कर उनकी समस्या का समाधान करने की मांग की। विधायक ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि केंद्र व राज्य सरकार यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों को निकालने के लिए जोरों पर काम कर रही है। इसके लिए यूक्रेन के साथ लगते दूसरे देशों से संपर्क किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों को दूसरे देशों के रास्ते निकाला जा सके। विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने यह निर्णय लिया है कि वह विद्यार्थियों को यहां वापस लाने का सारा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। प्रधानमंत्री खुद इस मुद्दे पर लगातार नजर रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर रविवार को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में एक हाई पावर कमेटी की बैठक भी आयोजित की जा रही है। विधायक से मिले आश्वासन के बाद ही परिजनों को राहत मिली है।
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दिनभर नहीं मिला खाने का निवाला, बाहर निकलने पर पाबंदी
गांव चौहान जोशी निवासी शील कुमार सैनी ने बताया कि मेरे दो बच्चे पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन गए हुए हैं। बेटा सागर व बेटी अंजलि खारकीव मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस के द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहे हैं। दोनों आठ माह पहले यूक्रेन गए थे। यूक्रेन में हालात बिगड़ने के बाद उनकी 24 फरवरी की फ्लाइट थी, लेकिन रूस के हमला करने के कारण सभी फ्लाइट रद्द कर दी गई। इससे दोनों बच्चे अन्य विद्यार्थियों के साथ वहीं फंस गए। सागर ने परिजनों को बताया कि हवाई अड्डे पर धमाका होने के बाद वहां की सेना ने सभी विद्यार्थियों को मेट्रो में बैठाकर कुछ किलोमीटर दूर एक स्कूल मेें ठहराया है। बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी गई है। हमारे पास खाने को भी कुछ नहीं है। हम सभी सुबह से ही भूखे-प्यासे बैठे हुए हैं।
दो डिग्री तापमान में कांपते रहे विद्यार्थी
यूक्रेन में फंसी आदर्श नगर निवासी उर्वशी व रिया ने अपने परिजनों को वीडियो कॉल कर बताया कि बंकर की तरह बने मेट्रो स्टेशन पर ही उन्होंने रात गुजारी है। उनके पास पीने के लिए अभी पानी बचा है। कुछ खाद्य सामग्री भी है। डर के मारे रातभर जागकर काटी है। सुबह करीब तीन बजे के आसपास तो तापमान भी दो डिग्री तक पहुंच गया था, जिससे हम सभी ठंड से कांपते रहे। रिया ने बताया कि रूस के हमले के बाद सभी दुकानें व मॉल बंद हो गए थे। पैसे निकालने के लिए एटीएम के बाहर करीब एक घंटे तक लाइन मेें लगे रहे, जब नंबर आया तो पैसे नहीं थे। मुश्किल से एक मॉल खुला मिला, जिसमें इतनी ज्यादा भीड़ थी कि वहां भी करीब डेढ़ घंटे बाहर इंतजार करना पड़ा। बाद में अंदर गए तो यूक्रेन के लोगों ने पहले ही चावल, आटा व अन्य खाद्य सामग्री खरीदकर स्टॉक कर लिया था। मुश्किल से बिस्किट व कुछ ड्राई फ्रूट मिले हैं। हालात कब सुधरेंगे कुछ नहीं पता।
रात साढ़े 12 बजे के बाद से नहीं हुआ शिवम से संपर्क
गन्नौर। यूक्रेन में फंसे गन्नौर निवासी राजेश शर्मा ने बताया कि वीरवार रात साढे़ 12 बजे उनकी बेटे शिवम से बात हुई थी। उसके बाद उनका शिवम से कोई संपर्क नहीं हुआ है। अब उनको शिवम की चिंता सता रही है। शिवम ने देर रात बताया था कि उन्हें बस द्वारा अपने पैसे खर्च कर हंगरी या पोलैंड जाना है, लेकिन सबसे बड़ी समस्या न तो उनके पास पैसे हैं और न ही वहां से पैसे निकल रहे हैं। वहीं वीरवार को उन्हें आदेश दिए गए थे कि वे सभी मेट्रो स्टेशन के बंकर में छिपे रहें। अब उनके पास खाने की भी समस्या हो रही है। राजेश शर्मा ने बताया कि शुक्रवार दोपहर बाद दो बजे उनकी हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी से बात हुई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी हंगरी व पोलैंड की सरकार से बात चल रही है। जल्द ही सभी विद्यार्थियों को सुरक्षित निकाल लिया जाएगा। संवाद
यूक्रेन में फंसे जिले के ये युवा
-उर्वशी पुत्री अरुण कौशिक, आदर्श नगर, सोनीपत
-रिया पुत्री उमेश, आदर्श नगर, सोनीपत
प्रिया पुत्री सुरेंद्र मलिक, जैन बाग कॉलोनी, सोनीपत
-तन्नू उर्फ खुशी पुत्री एडवोकेट बलजीत, ठरू उल्देपुर, गन्नौर
-शिवम, पुत्र राजेश शर्मा, गन्नौर
-साहिल पुत्र कृष्ण लठवाल, निवासी मुडलाना, गोहाना
-पूजा पुत्री हरज्ञान सिंह, रुखी, गोहाना
-सागर सैनी पुत्र शील कुमार सैनी, चौहान जोशी
-अंजलि सैनी पुत्री शील कुमार सैनी, चौहान जोशी
-आशु चौहान पुत्र नरेंद्र चौहान, चौहान जोशी

राई विधायक मोहनलाल बड़ौली से यूक्रेन में फंसे अपने बच्चों को निकलवाने की मांग करते गांव चौहान जो- फोटो : Sonipat

चिंता में बैठे छात्र शिवम के परिजन। संवाद- फोटो : Sonipat

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