खरखौदा। चुनाव अपने चरम पर है, प्रत्याशियों ने अब अपने समर्थकों को साथ लेकर दांवपेच खेलते हुए खुद की जीत के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाना शुरू कर दिया है। इस बीच प्रत्याशियों को असमंजस में डालने का काम खुद उनके ही कुछ समर्थक कर रहे हैं, जो उन्हें तो जीत का विश्वास दिलाते ही हैं, लेकिन दूसरे प्रत्याशी के पास जाकर उसे भी उसी जीत का विश्वास दिलाने का काम कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव के बीच ऐसा नजारा खूब देखने को मिल रहा है।
चुनावी दंगल में उतरे प्रत्याशी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए रात-दिन एक कर रहे हैं। वहीं कुछ लोग सभी पार्टी के कार्यालयों व प्रत्याशियों के पास हाजिरी लगाने में लगे हुए हैं। ऐसे लोग खुद को पार्टी या प्रत्याशी का समर्थक बताते हैं, लेकिन दूसरे प्रत्याशी के समर्थन में वही लोग दिखाई देने से हर प्रत्याशी हैरान है। वह व्यक्ति जो उन्हें भारी बहुमत से जिताने को लेकर मेहनत करने की बात कह रहा है, दूसरे प्रत्याशी को भी यही बात कहकर खुद को उसका कट्टर समर्थक बताने का विश्वास दिलवा रहा है। इतना ही नहीं ऐसे समर्थक प्रत्याशी को जीत के गुणा-भाग बताने से भी पीछे नहीं रह रहे हैं, बल्कि स्टेज पर माइक मिल जाने पर राजनीति का चाणक्य खुद को साबित करने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। दोनों हाथों में लड्डू रखकर चलने वाले ऐसे समर्थकों से प्रत्याशी परेशान हैं, लेकिन चुनाव के दौर में वह उन्हें कुछ कहकर नाराजगी मोल नहीं लेना चाहते। इसके चलते प्रत्याशी होंठों पर मुस्कान रखकर ही सभी से मिल रहे हैं, लेकिन भीतर से यह जरूर सोच रहे हैं कि यह समर्थक हमारी फिरकी ले रहे हैं।