संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की ओर से 8 फरवरी को की गई छापा मार कार्रवाई के विरोध में शनिवार को निजी पैथ लैब संचालकों ने विरोध जताया और लैब पर दिनभर ताला लटका रहा। निजी पैथ लैब बंद होने से सभी तरह की रक्त व अन्य जांच बंद रही। रक्त व अन्य जांच कराने के लिए मरीज लैब पर पहुंचे, लेकिन लैब बंद होने के कारण मरीजों को निराशा हुई। जिसके चलते मरीजों को जांच के लिए बिना सैंपल दिए वापस लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा।
हरियाणा लैब टेक्नोलॉजिस्ट एसोसिएशन के जिला प्रधान रमेश ने बताया कि जिलेभर में करीब 80 लैब हैं। जिन पर रोजाना विभिन्न तरह की रक्त समेत अन्य जांच होती है। एक दिन की हड़ताल के चलते पैथ लैब संचालकों ने काम नहीं किया। मुख्यमंत्री उड़दस्ता की ओर से की गई कार्रवाई गलत है। सरकार की ओर से निजी पैथ लैब संचालकों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। वहीं खरखौदा पैथ लैब एसोसिएशन के प्रधान धर्मबीर सिंह ने कहा कि सरकार दमनकारी नीति अपनाकर पैथ लैब संचालकों को डराना चाहती है, लेकिन वह इस प्रकार से डरने वाले नहीं हैं। उनकी तरफ से प्रदेश एसोसिएशन के आह्वान पर शनिवार को लैब बंद रखी गई हैं। लैब बंद होने के कारण मरीजों को भी परेशानी हुई है। सरकार की ओर से पैथ लैब संचालकों को परेशान किया जा रहा है। जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।