कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए पुलिस लगातार सख्ती बरत रही हैं, लेकिन उसके बावजूद मजदूर परिवार के 10 सदस्य नौ दिन तक पैदल चलकर पंजाब से 275 किलोमीटर दूर सोनीपत के गीता भवन चौक तक पहुंच गए। आखिर में यहां पुलिस ने उन्हें रोक लिया।
तब खुलासा हो सका कि परिवार लगातार पैदल चल रहा है और उन्हें आगे झज्जर जाना है। जिस पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें शेल्टर होम में पहुंचाया और उनका मेडिकल चेकअप किया गया। बाद में उन्हें मुरथल शेल्टर होम में रखा गया है।
परिवार के सदस्य चने व कुछ लोगों द्वारा दिए गए भोजन को खाकर यहां तक पहुंच गए थे। पंजाब में कर्फ्यू और कई स्थानों पर नाके होने के बावजूद परिवार के सोनीपत पहुंचने पर पड़ोसी जिलों में लगाए नाकों पर भी सवाल उठ रहा है।
उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ के रहने वाले मजदूर परिवार के सदस्य पंजाब के लुधियाना के गांव में रह रहे थे। वह वहां मजदूरी करते थे और इनके परिवार के कुछ सदस्य झज्जर जिले के गांव में रहते हैं। कर्फ्यू व लॉकडाउन के बाद वह भी इनके पास ही झज्जर जाने के लिए निकल लिए।
श्रमिक परिवार की सदस्य आरती ने बताया कि पंजाब में उनका पूरा परिवार एक वर्ष से रह रहा था। वह फैक्टरी में सिलाई का काम करके गुजारा कर रहे थे। लेकिन लॉकडाउन के दौरान फैक्टरी मालिक ने उन्हें निकाल दिया। इसकी वजह से वे पंजाब से 5 अप्रैल को झज्जर के लिए निकल पड़े। इनके परिवार में दो बच्चों सहित 10 सदस्य हैं। इनमें चार महिला और दो पुरुष हैं।