खरखौदा। सिविल जज सीनियर डिवीजन विक्रांत की अदालत ने दीवानी केस वीरेंद्र सिंह बनाम नरेंद्र मामले में देनदार नरेंद्र को तीन माह की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा कि बार-बार समय दिए जाने के बावजूद कर्जदार ने डिक्री की रकम जमा नहीं की।
मामले में 14 जुलाई, 2025 को अदालत ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था। दो अगस्त को भी ऋणी को जवाब देने का अवसर मिला था लेकिन तय समय में कोई जवाब दाखिल नहीं हुआ। सोमवार को भी वकील ने और समय मांगा गया, जिसे अदालत ने ठुकरा दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही निर्देश दे रखे हैं कि निष्पादन याचिकाओं का निपटारा छह माह में किया जाए। यह याचिका 26 मई को दायर हुई थी। अब तीन माह बीत चुके हैं। ऐसे में अदालत ने कहा कि अब और देरी संभव नहीं। कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि यदि ऋणी तीन माह जेल की अवधि से पहले डिक्री की रकम अदा कर देता है तो उसे जेल से छोड़ा जा सकता है।
इसके अलावा अदालत ने गांव फिरोजपुर बांगर की 146 कनाल 12 मरला जमीन में से 6 कनाल 19 मरला कृषि भूमि की सार्वजनिक नीलामी करने के निर्देश दिए हैं।