फोटो 04- सोनीपत के कामी रोड स्थित श्री चंडी मां महाकाली प्राचीन मंदिर सिद्धपीठ में श्रीमद्भागवत
सोनीपत। कामी रोड स्थित श्री चंडी मां महाकाली प्राचीन मंदिर सिद्धपीठ में मंदिर समिति की ओर से 22वें वार्षिक उत्सव पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव संपन्न किया गया। मंदिर परिसर में सुबह हवन कर श्रद्धालुओं ने मंत्रोच्चारण के साथ पूर्णाहुति डालकर महामाई की आरती की। इसके बाद कन्या पूजन कर श्रद्धालुओं के लिए भंडारा लगाया गया। भंडारे में आसपास क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
बरसाना से कथावाचक आचार्य डॉ. रोहिताश भारद्वाज ने श्रीमद्भागवत कथा की महिमा का वर्णन किया। आचार्य रोहिताश भारद्वाज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से मनुष्य भवसागर से पार हो जाता है। साथ ही मनुष्य में भक्ति, ज्ञान व वैराग्य के भाव उत्पन्न होते हैं। विचारों में बदलाव होने पर मनुष्य के आचरण में भी स्वयं बदलाव आता है। भक्ति ही एक ऐसा उत्तम उपाय है, जो जीवन में परेशानियों का समाधान बताती है। मनुष्य से गलती हो जाना बड़ी बात नहीं, लेकिन उसका सुधार व प्रायश्चित जरूरी है।
अंकित गोयल ने 60वीं बार रक्तदान किया
वहीं वार्षिक उत्सव के समापन पर रोटरी क्लब के सहयोग से स्वास्थ्य जांच एवं रक्तदान शिविर लगाया गया। शिविर में 65 लोगों ने रक्तदान किया। अंकित गोयल ने 60वीं बार व तरुण गोयल ने 5वीं बार रक्तदान किया। काफी लोगों नेत्र, दंत, हड्डी, कैल्शियम, रक्तचाप, मधमुेह, ईसीजी व स्त्री रोग संबंधी स्वास्थ्य की जांच करवाई। कार्यक्रम में समिति के प्रधान प्रमोद गुप्ता, उप प्रधान देवेंद्र कुच्छल, महासचिव सुनील कुमार गुप्ता, कोषाध्यक्ष विनोद कुमार कुच्छल, सचिव पवन जिंदल व पंडित हनुमान प्रसाद सहित काफी श्रद्धालु मौजूद रहे।
फोटो 04- सोनीपत के कामी रोड स्थित श्री चंडी मां महाकाली प्राचीन मंदिर सिद्धपीठ में श्रीमद्भागवत