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लहराड़ा में परचून की दुकान और मकानों में बिक रही शराब, महिलाएं भी बेचने में शामिल

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लहराड़ा में एक दुकान के अंदर शराब देता युवक - फोटो : Sonipat
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सोनीपत। युवा पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए सरकार खूब अभियान चला रही है तो नशा तस्करों पर कार्रवाई के लिए अलग से टीम बना दी गई हैं। लेकिन सोनीपत के लहराड़ा व मोहननगर में जिस तरह से परचून की दुकान व मकानों में अवैध रूप से शराब बिक रही है और वहां बड़े स्तर पर यह खेल चल रहा है। जिसमें महिलाएं तक शामिल हैं जो खुद अवैध रूप से शराब बेच रही हैं। इसको देखकर लगता है कि शराब की अवैध बिक्री करने वालों पर शिकंजा कसने के बाद ही युवा पीढ़ी को नशे की लत से बचाया जा सकता है। लेकिन ऐसे अवैध धंधे करने वालों पर कार्रवाई की जिनकी जिम्मेदारी है, उनपर भी सवाल उठ रहे हैं और वह अवैध रूप से शराब बेचने वाले पुलिस तक का हिस्सा तय होने की बात कहते हैं। वह हिस्सा किसके पास जा रहा है, यह अफसरों की जांच के बाद ही साफ होगा। लेकिन वहां युवा पीढ़ी नशे के जाल में फंसने के साथ ही राजकीय कन्या हाईस्कूल व निजी स्कूल में आने वाली छात्राएं तक अवैध रूप से शराब बेचने वालों से परेशान हैं।
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परचून की दुकान के अंदर व सब्जी के टोकरे में रखकर बेचते हैं शराब
लहराड़ा व मोहननगर में इस समय सबसे ज्यादा अवैध रूप से शराब बेचने का धंधा चल रहा है। जहां छानबीन करने पर पता चला कि कोई परचून की दुकान में शराब रखकर बेचता है तो कोई घर के बाहर सब्जी का टोकरा रखकर उसमें नीचे शराब रखकर बेचता है। हालात यह है कि लहराड़ा में एक ही गली में सात दुकानों व मकानों के अंदर अवैध रूप से शराब बेची जा रही है। इसमें भी सबसे बड़ी बात यह है कि तीन जगहों पर महिलाएं अवैध रूप से शराब बेच रही हैं। वहां दोपहर तक घरों के अंदर से शराब बेची जाती है औैर उसके बाद घरों के बाहर ठिए लगा लिए जाते हैं। जिस तरह से ठेकों में शराब दी जाती है, उस तरह ही खुलेआम शराब बेची जाती है। इस तरह ही मोहननगर में दुकान व मकानों के अंदर से यह खेल चल रहा है और वहां भी खुलेआम अवैध रूप से शराब बेची जा रही है।
लहराड़ा में स्कूटी को फिर बनाया ठेका, होम डिलीवरी शुरू कर दी
लहराड़ा में मंडी गेट के पास अवैध रूप से शराब बेचने वालों ने छह माह पहले स्कूटी को ठेका बनाया हुआ था। शराब बेचने के लिए कई स्कूटी खरीदी हुई थीं और स्कूटी में सीट के नीचे पव्वे व अद्धे रखे जाते थे। उस समय स्कूटी को मंडी गेट के पास खड़ी रखकर अवैध रूप से शराब बेची जाती थी। उस समय अमर उजाला में मामला प्रकाशित होने के बाद पुलिस व आबकारी विभाग की टीम ने छापेमारी शुरू करते हुए एक स्कूटी के साथ दो युवकों को पकड़ा था। जिसके बाद उसपर रोक लग गई थी, लेकिन अब इस तरह ही स्कूटी को दोबारा से ठेका बना दिया गया है। इस बार होम डिलीवरी तक शुरू कर दी गई है और स्कूटी को डिमांड के अनुसार गलियों में भेजा जाता है। इसके साथ ही स्कूटी को हर आधे घंटे में एक से दूसरी गली में लेकर जाते हैं और वहां अवैध रूप से शराब बेची जाती है। इसके अलावा बैंयापुर के अंदर भी जहां सरकारी ठेका चल रहा है, वहीं अवैध रूप से दुकानों में छोटे-छोटे ठेके खोल दिए गए हैं।
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देशी 10-30 रुपये सस्ती तो अंग्रेजी पर 100-150 रुपये तक कम
दुकानों, मकानों व स्कूटी में अवैध रूप से शराब बेचने वालों के पास शराब लेने जाने का सबसे बड़ा कारण यह है कि वह आबकारी विभाग की ओर से छोड़े गए ठेकों के मुकाबले कम दाम में शराब बेचते हैं। यह सभी देशी शराब को 10-30 रुपये सस्ती पर बेचते हैं तो अंग्रेजी के सामान्य बोतलों को 100-150 रुपये तक सस्ती देते हैं। शराब ठेकेदारों ने अपने ठेकों पर देशी शराब के दाम समय के अनुसार कुछ कम किए, लेकिन अवैध रूप से शराब बेचने वाले उनसे भी एक कदम आगे निकल गए। अवैध रूप से शराब बेचने वालों ने भी तुरंत ही दाम कम कर दिए और इस समय वह ठेके के मुकाबले पहले की तरह कम दाम में शराब बेच रहे हैं। इस तरह से अवैध रूप से शराब बेचने वालों का पूरा खेल चल रहा है।
लहराड़ा में रहने वाले लोग परेशान, मारपीट व जान से मारने तक की धमकी
अवैध रूप से शराब बेचने वालों से जहां सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं लहराड़ा में रहने वाले परिवार भी काफी परेशान हैं। वहां शराब लेने आने वाले अधिकतर आसपास ही खड़े होकर उसे पीते हैं और उसके बाद गाली-गलौच करते हैं। लहराड़ा की महिलाओं ने बताया कि वह कई बार इसका विरोध कर चुकी हैं तो उनके साथ ही गाली-गलौच व मारपीट की गई। इसके साथ ही उनको जान से मारने की धमकी तक दी जाती है, क्योंकि अवैध रूप से शराब बेचने वालों के पास बदमाश किस्म के लोग आकर बैठते हैं।
100 मीटर पर राजकीय कन्या हाईस्कूल की छात्राएं भी परेशान
लहराड़ा में जिन जगहों पर अवैध रूप से शराब बेची जा रही है, वहां से लगभग 100 मीटर दूर ही राजकीय कन्या हाईस्कूल है तो उसके पास ही निजी स्कूल है। उनमें आने वाली छात्राएं भी काफी परेशान हैं, क्योंकि गलियों में अवैध रूप से शराब बेचने वालों के यहां असामाजिक तत्व खड़े रहते है। वह छात्राओं पर टिप्पणी करते हैं और वहां छात्राओं को डर लगता है। छात्राएं उनके खिलाफ सामने आने तक से डरती हैं, क्योंकि वहां उनकी पूरी दहशत बनी हुई है। लहराड़ा की महिलाओं के अनुसार इस बारे में कई बार पुलिस को बताया गया, लेकिन पुलिस आकर केवल उनको शराब नहीं बेचने की बात कहकर चली जाती है। वह पुलिस के वापस जाते ही दोबारा से शराब बेचना शुरू कर देेते है और पुलिस भी कोई कार्रवाई नहीं करती है।
हर किसी का हिस्सा तय, मिलकर चलता है धंधा
रिपोर्टर: भाई देशी शराब चाहिए, मिल जा गी के?
युवक: आ जा, पहली बार देक्खा
रिपोर्टर: भाई फैक्टरी में काम करूं, अभी आया।
युवक: क्या लेगा?
रिपोर्टर: भाई अद्धा चाहिए था
युवक: ला 40 रुपये
रिपोर्टर: इतने की ठेके पै मिल जा है
युवक: वहां ज्यादा की मिलै है, ला खुल्ले लेरा हो तो 35 दे
रिपोर्टर: यहां अंग्रेजी भी मिल जा गी के?
युवक: कौनसी लेगा?
रिपोर्टर: ना भाई अभी तो पूच्छू था, कदी लेनी पड़ जा
युवक: जब लेनी हो तो आ जाइये
रिपोर्टर: पुलिस तै ना आती
युवक: कोई दिक्कत ना है, सब सेटिंग है, आराम से आईये
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अवैध रूप से शराब बेचने वालों के खिलाफ पुलिस लगातार छापेमार कार्रवाई कर रही है। जिन जगहों पर अवैध रूप से शराब बेचने वालों की जानकारी मिलती है, वहां छापा मारा जाता है। पहले भी वहां कई बार छापा मारा गया और अब इस तरह का मामला सामने आया है तो छापा लगवाकर कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. रविंद्र, डीएसपी
मेरे पास कुछ दिन पहले ही सोनीपत का चार्ज आया है। सोनीपत में किस-किस जगह अवैध रूप से शराब बेची जा रही है, इस बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जिससे वहां छापा मारकर कार्रवाई की जा सके। लहराड़ा व मोहननगर में छापा मारकर अवैध रूप से शराब बेचने वालों को पकड़ा जाएगा, जिससे अवैध रूप से शराब बेचने वालों पर लगाम लग सके।
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-कृष्ण फौगाट, निरीक्षक जिला आबकारी एवं काराधान

शराब के रुपये लेता युवक- फोटो : Sonipat

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