नांदनौर गांव में विकास कार्यों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए शिकायत करने पर बीडीपीओ की जांच में कई जगह अनियमितता मिली है। जहां खंभों से लाइट गायब मिली है तो वहीं कस्सी भी ज्यादा दाम में खरीदने की बात सामने आई है। बीडीपीओ गन्नौर ने पूरे मामले की जांच करके रिपोर्ट डीसी को सौंपी, जिसके आधार बीडीपीओ मुरथल ने पूर्व सरपंच को नोटिस भेजा है।
नांदनौर गांव के राकेश कुमार ने डीसी के पास एक शिकायत दी, जिसमें पूर्व सरपंच पर गांव में विकास कार्यों में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया था। बीडीपीओ मुरथल पर विश्वास नहीं जताते हुए अन्य अधिकारी से जांच कराने की मांग की गई थी। जिस पर डीसी श्यामलाल पूनिया ने मामले की जांच बीडीपीओ गन्नौर को सौंपी थी। डीसी को भेजी रिपोर्ट में बीडीपीओ ने बताया है कि गांव में 92120 रुपये से 42 सोलर लाइट व 28 एलईडी लाइट रिपेयर कराने की बात कही गई थी, जबकि इनमें से 23 सोलर लाइट व 4 एलईडी लाइट गायब मिलीं। इसके अलावा चार कस्सी को 600-600 रुपये के हिसाब से खरीदा गया था, जबकि बाजार में उनकी कीमत 300 रुपये थी। इस तरह से पूर्व सरपंच से गायब लाइट व कस्सी की अतिरिक्त राशि की रिकवरी के लिए कहा गया था, जिसके आधार पर बीडीपीओ मुरथल ने पूर्व सरपंच प्रदीप कुमार को नोटिस जारी किया है।