सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. नरिंद्र कौर की अदालत ने गांव बाघडू में आईटीआई छात्र की हत्या कर शव को खुर्द-बुर्द करने के मामले में सुनवाई के बाद आरोपी युवक व किशोर को दोषी करार दिया है। दोषियों ने छात्र के शव को बिटौड़े में डालकर जला दिया था।
दोषी युवक को 20 साल व चिल्ड्रन इन कॉन्फ्लिक्ट विद लॉ (सीसीएल) को 14 साल कैद की सजा सुनाई है। दोनों पर 30-30 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन-तीन साल अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
गांव बाघडू निवासी राकेश ने 31 जनवरी 2019 को सदर थाना पुलिस को बताया था कि उनके छोटे भाई बृजेश उर्फ भोला (25) सोनीपत आईटीआई के छात्र था। वह 30 जनवरी, 2019 को सुबह घर से आईटीआई जाने के लिए निकला था। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। अगले दिन सुबह गांव के स्टेडियम के पास बृजेश की कमीज व रुद्राक्ष की माला पड़ी मिली थी। वहां खून भी बिखरा था। बाद में सड़क किनारे गांव की बणी (जंगल) में बिटौड़े के अंदर आग लगी मिली थी। इसमें उन्हें खोपड़ी जलती दिखाई दी थी। राख में लोहे की राॅड मिली थी। बृजेश के भाई राकेश ने पुलिस को बताया था कि उसके भाई के पैर टूटने पर उसे लोहे की राॅड लगाई गई थी। इससे परिजनों को यकीन हो गया था कि शव बृजेश का है। पुलिस ने हत्या व शव को खुर्दबुर्द करने का मुकदमा दर्ज कर लिया था।
मामले में तत्कालीन सदर थाना प्रभारी रमेशचंद्र की टीम ने गांव बड़वासनी के पास से जींद के गांव रोजला निवासी तरुण और एक अन्य को पकड़ा था। दोनों ने हत्या की वारदात को अंजाम देना कबूल किया था।
थप्पड़ का बदला लेने के लिए की थी हत्या
आरोपियों ने पुलिस को बताया था कि दो माह पहले शराब पीकर हुई कहासुनी में बृजेश ने तरुण को थप्पड़ मार दिया था। इसका बदला लेने को हत्या की गई थी। उन्होंने साजिश के तहत बृजेश को घर से बुलाकर उसे शराब पिलाकर नशे में धुत कर दिया था। इसके बाद उसका सिर सड़क पर पटक-पटक कर अधमरा कर दिया था। बाद में शॉल से गला दबा हत्या कर बिटौड़े में ले जाकर जला दिया था।