सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सरताज बसवाना ने गांव निजामपुर में दोस्त को घर बुलाकर कहासुनी के बाद डंडे से हमला कर हत्या करने के दोषी को उम्रकैद और 25 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
जींद के गांव लुदाना निवासी कमलजीत ने 11 नवंबर, 2020 को बरोदा थाना पुलिस को बताया था कि उनके भाई संदीप (31) की गांव निजामपुर निवासी ईश्वर के साथ दोस्ती थी। ईश्वर उनके भाई को 10 नवंबर, 2020 को अपने घर बुलाया था। दोनों गांव आसपास ही हैं। कमलजीत ने बताया था कि उनके भाई मजदूरी करते थे और ईश्वर भी उनके साथ काम करता था। ईश्वर ने उनके भाई को काम के सिलसिले में अपने घर बुलाया था। ईश्वर घर में अकेले रहता था। जब उनके भाई संदीप देर रात तक घर नहीं पहुंचे तो वह उन्हें देखने के लिए ईश्वर के घर गया। उसने देखा कि ईश्वर के पड़ोसी के घर के बाहर उनके भाई संदीप लहूलुहान हालत में पड़े थे। उनके भाई की बेरहमी से पिटाई की गई थी।
उन्होंने तुरंत मामले से पुलिस को अवगत कराया था। सूचना के बाद बरोदा थाना के तत्कालीन एएसआई संजय कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। पुलिस ने मौके से सबूत भी जुटाए थे। पुलिस ने कमलजीत के बयान पर ईश्वर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। मामले में सुनवाई के बाद एएसजे सरताज बसवाना ने ईश्वर को दोषी करार दिया। अदालत ने शनिवार को ईश्वर को उम्रकैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।